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92 गांव बाढ़ से घिरे

Tue, 19 Jul 2016 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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river - फोटो : amar ujala
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जिले के गांजर क्षेत्र में बाढ़ से तबाही शुरू हो गई है। घाघरा व शारदा के सैलाब से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घाघरा का कहर इस कदर है कि रेउसा के 58 गांव व रामपुर मथुरा क्षेत्र के 34 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिसकी वजह से रेउसा से लेकर रामपुर मथुरा क्षेत्र तक घाघरा में आई बाढ़ कहर बरपा रही है।
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क्षेत्र के सारे संपर्क मार्ग पानी से लबालब हैं। इन गांवों का सड़क मार्ग से संपर्क खत्म हो गया है। लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। चहलारी घाट मार्ग का रपटा पुल बाढ़ के पानी में समा गया है। इससे उस क्षेत्र का आवागमन ठप हो गया। उधर, घाघरा व शारदा बैराजों से बुधवार को पौने तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे बाढ़ में और इजाफा होने के आसार हैं।

करीब 46 गांव बाढ़ के मुहाने पर खड़े हैं। जिनमें किसी भी समय बाढ़ का पानी घुस सकता है। उधर, बाढ़ से बर्बादी की खबर सुर्खियां बननेे के बाद मंगलवार को प्रशासन हरकत में आया। शारदा व घाघरा बैराज से 2,80,462 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं।
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रेउसा में सोमवार तक 26 गांव बाढ़ की चपेट में थे, लेकिन पानी के निरंतर बढ़ने से क्षेत्र के लालापुरवा, राजापुर कलां, गुमई, खानी हुसैनपुर, सोमवारी पुरवा, सुकई पुरवा, टपरा, नई बस्ती चहलारी, श्याम नगर, सुंदर नगर, धन्नीपुरवा, हरिहरपुर, जाफरपुर समेत करीब 58 गांव चपेट में आ गए हैं। हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर से पलायन कर रहे हैं।

श्याम नगर, सुंदर नगर, नगीना पुरवा समेत करीब 10 गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र के चहलारी घाट के पास सड़क पर डेरा डाला है। यहां भी मुसीबत कम नहीं हुई। चहलारी घाट से रेउसा होते हुए मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर मारूबेहड़ के निकट रपटा पुल बाढ़ के पानी में समा गया है। इससे यहां के लोग सड़क पर बसने के बावजूद जिला मुख्यालय से अलग-थलग पड़ गए हैं।

लोगों को जिला मुख्यालय या फिर क्षेत्र की रेउसा बाजार आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। रपटा पुल पर पानी चल रहा है। घाघरा नदी किनारे से करीब सात किलोमीटर दूरी तक बाढ़ का पानी ही नजर आ रहा है। रास्ते भी इस सैलाब में दिख नहीं रहे हैं। वहीं लोगों ने जान बचाने के लिए पक्के मकानों की छतों पर शरण ले रखी हैं।

कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने छप्पर पर ही अपना डेरा डाल रखा है। बाढ अधिकारी भी बस चहलारी घाट मार्ग तक ही जा पा रहे हैं। इस क्षेत्र को बाढ़ की चपेट में आए करीब तीन दिन से अधिक समय हो चुका है। बावजूद इसके मदद के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।

उधर रामपुर मथुरा क्षेत्र में घाघरा का कहर तेज हो गया है। भगवतपुरवा, झग्गापुरवा, कामता पुरवा, अंगरौरा, कनरखी समेत 34 गांव चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी घुस गया है। मदद न मिलने से कई परिवार फंसे हैं। 
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