पिता हिरासत में पर नहीं लगे कोई ठोस सुबूत
सीतापुर। चलती ट्रेन से मां समेत बेटियों को फेंके जाने के मामले में जीआरपी ने चुप्पी साध रखी है। खुलासे से पहले पुलिस मंथन में जुटी हुई है, कि कहीं पर कोई चूक न होने पाए।
इन सबके बीच पुलिस ने मीडिया से दूरी भी बना रखी है। हालांकि जीआरपी के अधिकारी इतना जरूर कह रहे हैं कि जल्द ही इस पूरे मामले से पर्दा उठा दिया जाएगा।
सोमवार की रात बिहार से जम्मू जा रही ट्रेन से इद्दू ने अपनी पत्नी आफरीन व पुत्रियों को चलती ट्रेन से फेंक दिया था। इनमें पत्नी आफरीन व पुत्री मुन्नी की मौत हो चुकी है।
जबकि रबिया, अल्बुल व सलीमा घायल अवस्था में रेल ट्रैक के करीब मिली थीं। एक अन्य पुत्री हसीना का अब तक पता नहीं चल सका।
जीआरपी ने इस मामले में अल्बुल के बयानों के आधार पर बेतिया जिले के नौतन थाना क्षेत्र के ग्राम झखरा में ननिहाल के निवासी इकबाल व इजहार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
जिस अल्बुल के बयान के आधार पर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वह बार- बार बयान बदल रही है। इससे पुलिस के सामने सबूत जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
हालांकि पुलिस ने इकबाल व इजहार को हिरासत में ले लिया है। इद्दू को जम्मू से हिरासत में लिया गया है। लेकिन पुलिस अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं जुटा पाई है।
बीते दो दिनों से जीआरपी के अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस ने अब तक जो भी जांच पड़ताल की है, उसमें इद्दू के खिलाफ तो सबूत मिल रहे हैं, लेकिन इकबाल व इजहार के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिल सके हैं।
यही वजह है कि आरोपी हाथ लगने के बावजूद पुलिस इस पूरे मामले का खुलासा करने से बच रही है। सूत्रों का कहना है कि जीआरपी के अधिकारी इस पूरे मामले में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं।