सकरन (सीतापुर)। ब्लॉक क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से खेतों, तालाबों व रास्तों पर जलभराव हो गया। इसके बावजूद ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतों 886 मजदूरों को काम पर दिखाकर पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी अपलोड कर दी। यही नहीं हद तो तब हो गई, जब एक ग्राम पंचायत में एक जलभराव वाले स्थान पर ग्रामीणों को खड़ाकर फोटो अपलोड कर दी गई।
विकास खंड सकरन में मनरेगा मजदूरी के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिम्मेदारों की मिलीभगत से बिना काम कराए ही करीबियों को उपकृत किया जा रहा है। इसकी बानगी शुक्रवार को विभागीय पोर्टल पर मनरेगा के तहत होने वाले कार्य की हाजिरी अपलोड करने में देखने को मिली। बृहस्पतिवार की रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई थी। जिससे खेत, तालाब, चकमार्ग आदि जलमग्न हो गए थे।
इसके बावजूद जिम्मेदारों ने 18 ग्राम पंचायतों में 30 कार्य दिखाते हुए 94 मस्टररोल (एमआर) पर 886 मजदूरों की हाजिरी अपलोड कर दी गई। आंकड़ों के मुताबिक ग्राम पंचायत भिठमनी में दो कार्य, सात एमआर 59 मजदूर, धनावा में दो कार्य, एक एमआर, 20 मजदूर, इस्माइलपुर में एक कार्य, तीन एमआर, 25 मजदूर, जालिमपुर में दो कार्य, सात एमआर, 65 मजदूर, झौवाखुर्द में एक कार्य, तीन एमआर, 27 मजदूर, कलिमापुर में एक कार्य, चार एमआर, 40 मजदूर, कुंडी में एक कार्य, चार एमआर, 32 मजदूर, नसीरपुर में तीन कार्य, आठ एमआर, 80 मजदूर, पखनियापुर में एक कार्य, चार एमआर, 40 मजदूर, पटना में एक कार्य, तीन एमआर, 20 मजदूर, रेवान में एक कार्य, तीन एमआर, 27 मजदूर, सकरन खुर्द में एक कार्य, पांच एमआर, 47 मजदूर तथा ताजपुर में तीन कार्य, आठ एमआर, 66 मजदूरों की हाजिरी चकबंद निर्माण, चकमार्ग पटाई, तालाब खुदाई के नाम पर अपलोड की गई।
ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि जब खेतों व तालाबों में बरसात का पानी भरा था तो कार्य कैसे किया गया। वहीं सूत्र बताते हैं कि एक ग्राम पंचायत में दस मजदूरों की हाजिरी में छह महिला व चार पुरुष दर्शाए गए हैं लेकिन जो फोटो अपलोड़ की गई है उसमें एक भी महिला मजदूर नजर नहीं आ रही है। ब्लाॅक में नोटिस व जांच के बाद भी मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल लगातार जारी है।
इस संबंध में ग्राम पंचायतों की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- रवि सिंह, एपीओ सकरन।