सीतापुर। नैमिषारण्य से 18 फरवरी को 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ होगा। ऐसे में परिक्रमा शुरू होने को सिर्फ 18 दिन ही शेष हैं। इस परिक्रमा को लेकर डीएम डॉ. राजा गणपति आर की सख्ती के बाद भी प्रशासन की तैयारियां सुस्त हैं। मछरेहटा के ढड़ुवा आश्रम के पूर्व स्थित बाग की सफाई नहीं कराई गई है। परिक्रमा मार्ग पर स्थित माता चक्रवर्ती मंदिर के समीप स्थित तालाब की सफाई नहीं कराई गई है।
परिक्रमा के दौरान इस तालाब के जल से साधु संत आचमन करते हैं। हालात ऐसे ही बने रहे तो आस्था की यह डगर रामादल के लिए मुश्किलों भरी साबित हो सकती है। नैमिषारण्य से डंका बजने के साथ शुरू होने वाली 84 कोसी परिक्रमा में 11 पड़ाव हैं। पहला पड़ाव कोरौना में है। इसके बाद आगे बढ़ने पर रामादल हरदोई जनपद की सीमा में प्रवेश कर जाता है। हरदोई में परिक्रमा के चार पड़ाव हैं।
चौथे पड़ाव से रवाना होकर परिक्रमा फिर सीतापुर पहुंचती है। सातवें पड़ाव मडरुवा व मछरेहटा के ढड़ुवा आश्रम में रात्रि विश्राम करने के पश्चात मछरेहटा होते हुए परिक्रमा आठवें पड़ाव जरिगवां पहुंचती है। सातवें से आठवें पड़ाव पर सड़क के किनारे खेतों में लगे कंटीले तार लोगों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
मछरेहटा कस्बे में मिश्रिख मार्ग का लोक निर्माण विभाग द्वारा चौड़ीकरण कराया जा रहा है, जिसके चलते मछरेहटा में नालियां ध्वस्त हो गई हैं। घरों का गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है। समय रहते अगर जलभराव की समस्या दूर नहीं कराई गई तो परिक्रमार्थियों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ सकता है।
दुरुस्त होगा परिक्रमा मार्ग
84 कोसी परिक्रमा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। जहां मार्ग खराब है संबंधित विभाग को निर्देशित कर जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। साफ-सफाई भी समय से पूर्व कराई जाएगी।
- अभिनय कुमार यादव, एसडीएम मिश्रिख