सीतापुर। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने मास्टर प्लान तैयार किया है। अब टीमें घर-घर जाकर कोरोना की जांच करेंगी। लक्षण मिलने पर कोविड-19 का टेस्ट कराया जाएगा। गुरुवार को शासन की नई गाइड लाइन आ गई है। जिले में विशेष अभियान में टीमों को लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर ने बताया कि शहर क्षेत्र में 82 टीमें लगाई जाएंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सर्वे में 70 से 85 टीमों को लगाए जाने की तैयारी है। औसतन एक ब्लॉक में 80 टीमें लगाई जा सकती है।
जानकारों की माने तो क्षेत्रफल के हिसाब से किसी ब्लॉक में 75 तो किसी में 80 से अधिक भी टीमें लग सकती है। ऐसे में अफसर 80 टीमें लगने का औसत मानकर चल रहे हैं। इस तरह से करीब 1602 टीमों सभी ब्लॉकों में 10 दिनों तक काम करेंगी। इनकेे जिम्मे जिले की 55 लाख आबादी की जांच होगी। एक टीम में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी होगी। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर की तैनाती की जाएगी, जो पूरे सर्विलांस की मॉनीटरिंग करेगा। कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने पोलियो की तर्ज पर विशेष अभियान चलाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें विशेष अभियान चलाने का आदेश जारी हुआ है। इसके तहत अब पांच जुलाई से स्वास्थ्य टीमें घर-घर दस्तक देंगी। ये अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। कोरोना के लक्षणों के अलावा भी अन्य बीमारियों के मरीजों की सूची स्वास्थ्य टीमें तैयार करेंगी। कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए चलाए जाने वाले इस अभियान को लेकर दो जुलाई को जिले में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद आदेश पत्र आ गया है। शासन की गाइड लाइन के बाद विभाग अलर्ट पर है।
स्वास्थ्य टीमें जुटाएंगी ये जानकारियां
दरवाजे पर दस्तक देने वाली स्वास्थ्य टीमें घरों से लोगों को बाहर बुलाकर स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी लेंगी। घर में कितने सदस्य हैं, किस व्यक्ति को क्या बीमारी है, कब से है, इलाज कहां चल रहा है, कोई विदेश की यात्रा करके तो नहीं आया... इन सवालों को जानने के बाद टीमें घर के सभी सदस्यों की सूची तैयार कर विभाग को सौंपेंगी।
विभागीय अफसरों ने बताया कि जिस तरह पोलियो अभियान की प्रक्रिया होती है, ठीक उसी तरह ये भी होगा। इसमें घर के दरवाजे को छूने की मनाही होगी। स्वास्थ्य टीमें दीवार पर एस लिखकर तारीख डाल देंगी, जिससे ये पता चल सकेगा कि इस घर के सदस्यों के कोरोना के लक्षणों की जांच हो चुकी है। टीम की ओर से दीवार पर एक स्टीकर भी चिपकाया जाएगा, जिसमें कोरोना वायरस से बचाव के तौर-तरीके बतलाए गए होंगे।
ऐसे मरीजों की होगी कोविड-19 की जांच
एसीएमओ डॉ. पीके सिंह ने बताया कि कोरोना के लक्षणों को पहचानने के लिए टीमें हर घर जाएंगी, लेकिन कोविड-19 का टेस्ट उन्हीं लोगों का होगा, जो सारी (सीवियर एक्विेट रिस्प्रेटरी इनफेक्शन) के मरीज होंगे। मसलन, जिन्हें खांसी, बुखार, जुकाम, सांस के रोगी होंगे। इन सभी की सूची तैयार करने के बाद एंबुलेंस के जरिए लाया जाएगा। सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट होगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर छोड़ दिए जाएंगे। टीमें घर में डायबिटीज, किडनी, हार्ट, ब्लड प्रेशर, कैंसर के मरीजों के बारे में पूछेंगी।
ऐसे कितने लोग हैं, जिन्हें ये समस्याएं है या इलाज चल रहा है। ऐसे मरीजों की सूची बनाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की माने तो इन मरीजों को कोरोना से अधिक खतरा है। इसलिए सूची तैयार करने के बाद ऐसे मरीजों को होम क्वारंटीन करने पर जोर दिया जाएगा। बहुत इमरजेंसी हो, तभी ऐसे लोग बाहर निकले। नहीं तो घर में ही रहें, इससे कोरोना से बचे रहेंगे।
सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होगा सर्वे
मास्टर प्लान अभियान को चलाने के लिए एक टीम में दो सदस्य होंगे। आशा और आंगनबाड़ी। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर की तैनाती होगी। सभी ब्लॉकों में सीएचसी अधीक्षक तय करेंगे कि किस दिन, कौन से क्षेत्र में कितनी टीमें सर्वे के लिए लगेंगी। सर्वे का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।
पोलियो की तर्ज पर कोविड-19 की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य का आदेश पत्र आ गया है। गाइड लाइन के अनुसार तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ब्लॉक वार टीमें लगाकर घर-घर जाकर कोरोना की जांच होगी। संदिग्ध मरीज मिलने पर उनका कोविड-19 का टेस्ट होगा। विशेष अभियान 5 जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगा। जिले के लोगाें से विशेष तौर पर अपील है कि टीमें दरवाजे पर जाएं तो इस सरकारी प्रक्रिया में उनका सहयोग करें। लोगों के सहयोग से ही कोरोना संदिग्धों को खोजकर उनका इलाज कर सकेंगे।
- डॉ. आलोक वर्मा, सीएमओ