फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रक की टक्कर से छात्रा जख्मी, नहीं पहुंची एंबुलेंस तो गुस्साए नागरिकों ने लगाया जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
हालत गंभीर, सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर
विज्ञापन

लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में गुरुवार की सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल से स्कूल जा रही एक छात्रा को टक्कर मार दी। इस हादसे में छात्रा बुरी तरह जख्मी हो गई। कॉल करने के बाद भी करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो छात्रा को बाइक से सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

उधर, आक्रोशित नागरिकों ने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लहरपुर-बिसवां मार्ग जाम रहने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। कोतवाली प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर जाम हटवाया। इसके बाद यातायात बहाल हो सका। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके पर वाहन छोड़कर भाग गया। पुलिस ने ट्रक कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन


स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के दारानगर में रहने वाली कसिमा (13) पुत्री जाबिर अली क्षेत्र के मोहसिन अली हसन रजा स्कूल रूढ़ा भवनाथपुर में कक्षा 7 की छात्रा है। रोजाना की तरह गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह साइकिल से स्कूल जा रही थी। रूढ़ा भवनाथपुर के करीब लहरपुर की ओर से जा रहे एक ट्रक ने उसकी साइकिल में टक्कर मार दी।

जिससे छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय नागरिकों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर कॉल किया। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो मजबूरी में लोगों ने बाइक से घायल छात्रा को सीएचसी पहुंचाया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया।

उधर, गुस्साए नागरिकों ने लहरपुर-बिसवां मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम लगने से यातायात बाधित हो गया। सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना पर कोतवाली प्रभारी चैंपियन लाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। करीब डेढ़ घंटे बाद जाम हटने से यातायात बहाल हो सका।
विज्ञापन


चालक हादसे के बाद मौके पर ट्रक छोड़कर भाग गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। उधर, सीएचसी अधीक्षक डा. सुधीर पांडेय ने बताया कि 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की एक निर्धारित प्रक्रिया है। घटनास्थल के सबसे नजदीक जो एंबुलेंस होती है, उसे भेजा जाता है। इसमें सीएचसी स्तर का कोई हस्तक्षेप नहीं रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें