कांशीराम आवास भी किराये पर उठा दिए गए हैं। यहां के आवंटी अपने मकानों को किराये पर उठाकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में इसका खुलासा हुआ। जांच के दौरान कांशीराम आवास में 80 किरायेदार मिले, जिन्होंने अपने मकान किराए पर दे रखे हैं।
अब ऐसे सभी आवंटियों के मकान प्रशासन निरस्त करने की तैयारी में है। शहरी गरीबों को सरकारी छत मुहैया कराने के लिए बसपा शासनकाल ने शहर के महाराणा प्रताप चौक के समीप बहुमंजिला कांशीराम कॉलोनियों का निर्माण कराया गया था।
कॉलोनियों का निर्माण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित किए गए थे। अभी हाल ही में कुछ लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी, कि कांशीराम कॉलोनियों में कुछ ने मकान तो अपने नाम पर आवंटित करा रखा है पर उसमें वह रहते नहीं हैं।
उन्होंने अपने आवास किराए पर उठा रखे हैं। शिकायत पर डीएम डॉ. सारिका मोहन ने सिटी मजिस्ट्रेट जेपी गुप्ता को जांच के आदेश दिए थे। इस पर नगर मजिस्ट्रेट जेपी गुप्ता ने कांशीराम कॉलोनी का निरीक्षण किया।
जांच में ऐसे मकान मिले, जिनके आवंटियों ने 2014 में अपने नाम अलाटमेंट करवाए थे पर ये लोग वहां पर नहीं मिले। आवंटियों ने अपने आवास किराए पर दे रखे थे। इसके एवज में उनके द्वारा हर महीने किराया भी वसूला किया जा रहा था। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी निरीक्षण आख्या डीएम को भेज दी। अब जिला प्रशासन किराए पर उठाए गए आवासों को निरस्त करने की तैयारी में जुट गया है।