जिले में हरियाली लाने को बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा। इस बार सीतापुर जनपद में करीब साढ़े आठ लाख पौधे रोपे जाएंगे। गत वर्ष की तुलना में वन विभाग सवा तीन लाख पौधे ज्यादा रोपेगा। मानसून आने से पहले सारी तैयारियां दुरुस्त करने में विभाग जुट गया है।
जिले के 440 हेक्टेयर भू-भाग पर वन क्षेत्र है। जो हरियाली के हिसाब से बेहद कम है। यही वजह है कि जिले में हरियाली लाने के लिए वर्ष 2015 में 5 लाख 14 हजार पौधों का रोपण किया गया था। जो कि जिले के क्षेत्रफल के हिसाब से नाकाफी साबित रहा। इस बार वन विभाग ने 8 लाख 52 हजार पौधों को रोपने का खाका तैयार किया है।
योजना के अनुसार बीते वर्ष से इस बार 3 लाख 38 हजार पौधे अधिक रोपे जायेंगे। अप्रैल से ही पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने शुरू हो जाएंगे। इसे 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद मानसून आते ही फलदार व छायादार प्रजाति के पौधों को रोपने कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पौधों को वन विभाग व उद्यान विभाग अपनी नर्सरी में तैयार कर रहा है।
वन क्षेत्र में पौध रोपण के अलावा सड़कों के किनारे, पार्कों व अन्य स्थानों पर भूमि को चिह्नित किया जाएगा। चिह्नित भूमि पर ही पौध रोपण होगा। सड़क के किनारे रोपे जाने वाले पौधों की रक्षा के लिए लोहे व ईट के ट्री गार्ड बनाए जाएंगे। जबकि वन क्षेत्र में रोपे जाने वाले पौधों की सुरक्षा के लिए फेसिंग की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पौध रोपण के बाद तकरीबन 80 प्रतिशत पौधे जीवित रहते हैं। जबकि 20 प्रतिशत रोपण के बाद या तो अनुकूल मौसम न मिलने की वजह से या फिर बच्चों व पशुओं द्वारा नष्ट हो जाते हैं।