जिले के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। यह पहला ऐसा मौका था, जब पौध रोपण के लिए लाखों लोगों के हाथ एक साथ उठे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी के हाथों में पौध नजर आ रहे थे। कुछ ऐसा ही हाल प्रशासन का भी था, जिसमें अधिकारी से कर्मचारी तक पौधे हाथों में लिए थे।
यह मौका था प्रदेश के वर्ल्ड रिकार्ड का। जिसमें पौधरोपण में सहयोग करने के लिए हर कोई बेताब नजर आया। जिले में पौध रोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत 8 लाख 52 हजार पौधे रोपे गए।
ग्रीन यूपी क्लीन यूपी अभियान के तहत सुबह करीब दस बजे जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, डीएफओ राकेश चौधरी कर्मचारियों व स्कूली बच्चों के साथ इलसिया पहुंचे। यहां पर जिलाधिकारी ने आम का पौध रोपकर अभियान का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मनुष्य व वृक्ष का बहुत ही गहरा संबंध है। दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
मनुष्य को ऑक्सीजन की जरूरत है और पौधों को कार्बनडाईआक्सइड की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद उसकी रखवाली कर उसे वृक्ष भी बनाना है। इस दौरान जिलाधिकारी करीब पौने दो घंटे तक इलसिया में रहे। वे कभी खुद पौधे लगाते, तो कभी स्कूली बच्चों को पौध लगाने के गुर सिखाते नजर आए।
यहां पौधरोपण के बाद जिलाधिकारी जिले में पौधरोपण का हाल जानने निकल पड़े। डीएम रेउसा क्षेत्र के राजापुर पहुंचे जहां पर पौध रोपण का हाल देखा। यहां बताया गया कि 11 हजार पौधों को रोपा गया है। जिसके बाद जिलाधिकारी ने टापर पुरवा देखा। यहां पर 7700 पौधों का रोपण किया गया।