21 ग्रामसभाओं में खरीदी गईं स्ट्रीट लाइटों की जांच में हुआ खुलासा
सीतापुर। जिले के कई ग्राम सभाओं में जिम्मेदारों ने बड़े पैमाने पर ग्राम निधि की राशि दुरुपयोग किया। यह दुरुपयोग गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीद में किया। नियमों को दरकिनार कर प्राइवेट संस्थाओं से स्ट्रीट लाइटें खरीदी जा रही हैं। शिकायत होने पर आधा दर्जन से अधिक अफसरों की टीम ने एक ब्लॉक की 21 ग्राम सभाओं की जांच में 35 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग पाया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं। जिले की अधिकांश ग्राम सभाओं में सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना की गई है। लाइट की खरीद के संबंध में शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि इसे नेडा विभाग से खरीदा जाए। लेकिन संबंधित प्रधान एवं सचिव इसका पालन नहीं कर रहे हैं।
वह प्राइवेट फर्मों से सोलर स्ट्रीट लाइट एवं हाईमास्ट खरीद मनमाने रेट पर करते हैं। विकासखंड परसेंडी की 21 ग्राम सभाओं में स्ट्रीट लाइट स्थापना में ग्राम निधि की राशि के दुरुपयोग की किसान एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने डीएम से की थी।
इस पर तत्कालीन डीएम सारिका मोहन ने छह सदस्यीय टीम गठित की, इनमें विद्युत पारेषण के अधिशासी अभियंता, एसडीओ सदर कृषि अख्तर हुसैन, अपर जिला सहकारी अधिकारी सदर सुभाष मिश्रा, अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण, जिला पूर्ति अधिकारी, गन्ना निरीक्षक एवं सहायक चीनी आयुक्त, सहायक अभियंता पीडब्लूडी निर्माण खंड सहित अन्य अफसरों शामिल थे।
इन अफसरों की जांच में शिकायत सही पाई। जांच में टीम ने स्ट्रीट लाइट खरीद में 35 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग पाया। बाद में उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत की। उन्होंने ग्रामसभा वार दुरुपयोग की राशि के संबंध में संबंधित दोषी प्रधान एवं पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश डीपीआरओ को दिए हैं।
परसेंडी की इन ग्राम सभाओं में हुआ धन का दुरुपयोग
परसेंडी- मिर्जापुर, परसेंडी, अर्रो खिमाजदपुर, बड़ागांव, कैमहरा वजीरपुर, गौरिया कलां, ढोलई खुर्द, नौव्वा महमूदपुर, तालगांव, रिखौना, खदनिया, नरसोही, सैदापुर, कसरैला, बभनापुर, बिरैंचा, अलावलपुर, गढ़ी, टप्पा खजुरिया, मीरनगर, भदियासी।
संबंधित ग्राम पंचायतवार दुरुपयोग की गई राशि व उसके लिए दोषी प्रधान व सचिवों का विवरण तैयार किया जा रहा है। इसके बाद डीएम के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी।
-तुलसीराम विश्वकर्मा, डीपीआरओ