जीत का सपना संजोकर विधानसभा चुनाव में उतरे कई उम्मीदवारों को हताशा हाथ लगी है। यहां तक की वह अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। उन्हें जमानत राशि गंवानी पड़ी। इनमें बिसवां से विधायक व लोकदल प्रत्याशी रामपाल यादव भी शामिल रहे।
सीतापुर में नौ विधानसभाएं हैं। यहां की सभी सीटों पर भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत 95 निर्दल उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में कूदे थे। इनमें महोली व सीतापुर में 15-15, हरगांव में 9, लहरपुर में 13, बिसवां में 10, सेवता में 11, महमूदाबाद में 6, सिधौली व मिश्रिख में 8-8 प्रत्याशी शामिल थे।
यहां की सभी विधानसभा सीटों के विभिन्न राजनीतिक दलों समेत निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने चुनावी प्रचार में खूब प्रदर्शन किया और जी-जान लगाकर चुनाव जीतने में अपनी ताकत लगाई पर शनिवार को चुनावी नतीजे आए।
सभी सीटों के चुनावी परिणाम में 68 उम्मीदवार इतने भी वोट नहीं हासिल कर सके, कि उनकी जमानत बची। चुनावी नतीजों पर गौर फरमाएं तो महोली व सीतापुर में 12-12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
हरगांव में छह, लहरपुर में 10, सेवता में 9, महमूदाबाद में तीन प्रत्याशियों ने अपनी जमानत राशि गवां दीं। इनके अलावा सिधौली और मिश्रिख विधान सभा सीटों पर भी पांच-पांच उम्मीदवार भी अपनी जमानत बचा नहीं आए। इनकी भी जमानत जब्त हो गई।