अध्यक्ष की गिरफ्तारी से वकीलों में आक्रोश, जुलूस निकाल किया प्रदर्शन
सीतापुर। जिला जज के चैंबर में एसपी से बदसलूकी और दरोगा की पिटाई के आरोप में नामजद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार की सुबह कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में नामजद दो वकील पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
इधर, बार अध्यक्ष की गिरफ्तारी से आक्रोशित वकीलों ने इसे बदले की नीयत से की गई कार्रवाई करार देते हुए जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वकीलों ने एसपी दफ्तर के सामने जमकर नारेबाजी की। किसी भी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर कचहरी के इर्दगिर्द भारी तादाद में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
मालूम हो कि बीते 31 अक्टूबर को शहर में सीतापुर क्लब पर छापेमारी व अवैध करार देकर उसकी इमारत ढहा दी गई थी। इस दौरान पुलिस द्वारा दो वरिष्ठ वकीलों को हिरासत में लिए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने जिला जज के चैंबर में एसपी से अभद्रता करते हुए दरोगा की पिटाई की थी।
पुलिस ने मामले में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी सहित छह वकीलों के खिलाफ डकैती सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज करते हुए देर रात आरोपी चन्द्रभाल गुप्त व दीपक राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी मामले में फरार चल रहे चार वकीलों में से बार अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी को पुलिस ने गत सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार की सुबह बार अध्यक्ष का मेडिकल व दूसरी जरूरी कार्रवाई के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बार अध्यक्ष की गिरफ्तारी की खबर से भड़के वकीलों ने मंगलवार को बार एसोसिएशन सभागार में बैठक के बाद जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कचहरी से जुलूस की शक्ल में वकील लालबाग होते हुए एसपी दफ्तर पहुंचे और जमकर नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली।
वकीलों ने बार अध्यक्ष की गिरफ्तारी को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते हुए कहा कि अगर हालात न सुधरे तो अधिवक्ता यह सारी लड़ाई लखनऊ में होने वाली महापंचायत के माध्यम से लड़ेंगे। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद माधव अवस्थी, रामपाल मिश्रा, शिवबरन यादव, रामगोपाल अवस्थी, शैलेन्द्र यादव आदि मौजूद रहे।
पुलिस कर रही उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना
उच्च न्यायालय ने इस प्रकरण से सम्बन्धित रिट याचिका के अन्तरिम आदेश में स्पष्ट आदेश दिया था कि किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच में न की जाए, बावजूद इसके पुलिस ने बार अध्यक्ष को देर रात में लखनऊ से गिरफ्तार किया, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।
बार अध्यक्ष को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इसकी सूचना बार एसोसिएशन सीतापुर को भी नहीं दी। ऐसा न कर पुलिस ने उच्च न्यायालय और बार काउंसिल ऑफ इण्डिया के निर्देशों की अवहेलना की है।
-आशीष मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष बार एसोसिएशन सीतापुर
एक माह से फरार चल रहे वकील हरीश त्रिपाठी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेजा गया है। पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है।
-प्रभाकर चौधरी, एसपी
गोपनीय ढंग से भेजा जेल
एक माह से फरार चले बार अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी की गिरफ्तारी की खबर मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया के जरिए मिलने पर अचानक अधिवक्ता समुदाय घटनाक्रम जानने के लिए उत्सुक दिखा, लेकिन इससे ठीक उलट स्थानीय पुलिस बड़े ही गोपनीय ढंग से लखनऊ में गिरफ्तार किए गए बार अध्यक्ष को सीतापुर लाई और उन्हें मेडिकल कराने के बाद पुलिस लाइन से ही रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया।
पेश किया गया जमानत प्रार्थना पत्र
बार अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद उनकी ओर से सीजेएम सीतापुर के न्यायालय में मंगलवार को ही एक जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया गया। जिस पर देर शाम तक कोई आदेश न होने से उसकी जानकारी नही हो सकी। त्रिपाठी के वकीलों ने बताया कि बुधवार को इस सिलसिले में न्यायालय की कार्रवाई पुन: पूरी तैयारी के साथ अमल में लाई जाएगी।
11 वकीलों को नोटिस
सीतापुर में चल रहे आंदोलन को गति दे रहे 11 वकीलों के खिलाफ पुलिस ने 149 सीआरपीसी की नोटिस जारी की है। इस संबंध में सीओ सिटी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि इस नोटिस के जरिए उक्त वकीलों को कोई संज्ञेय अपराध कारित न करने की चेतावनी दी गई है।
संगठनों ने निंदा की
उत्तर प्रदेश मनरेगा मजदूर संगठन ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताया है। संगठन की जोनल प्रभारी शोभा ने कहा कि सीतापुर में वकीलों के खिलाफ दमन अभियान चलाया जा रहा है।
इसे लेकर कमेटी बुधवार को बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा करेगी। उधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने भी बार अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ उनकी पार्टी जल्द तीखा प्रतिवाद करेगी।
अवध बार ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की
सीतापुर। उच्च न्यायालय लखनऊ की अवध बार एसोसिएशन ने सीतापुर बार अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पुलिस का एक निंदनीय कृत्य बताया है। एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आनंद मणि त्रिपाठी व सचिव बालकेश्वर श्रीवास्तव ने यह निंदा प्रस्ताव प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित कर इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।