पूर्व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत 612 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति लटक सकती है। कारण यह है कि इन विद्यार्थियों का ऑनलाइन डाटा संदेहास्पद मिला है। इसका खुलासा आवेदन पत्रों की जांच पड़ताल में हुआ है। जिस पर समाज कल्याण विभाग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को डाटा वापस कर दिया है।
एक सप्ताह के अंदर इसे दुरुस्त करके जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि पूर्व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना का लाभ कक्षा नौ व 10 के विद्यार्थियों को मिलता है। शैक्षिक सत्र 2016-17 में जुलाई माह से छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन शुरू हुए थे।
इन आवेदनों की पहले कॉलेज स्तर से जांच पड़ताल हुई। फिर उसके बाद इसे समाज कल्याण विभाग को भेज दिया गया था। वहां हुई जांच में उजागर हुआ है कि 612 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति फंस सकती है। इन विद्यार्थियों का डाटा संदेहास्पद है।
जिसमें एससी के 476, एसटी के 13 व सामान्य के 123 विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों में किसी का प्रमाणपत्र ऑनलाइन से मिलान नहीं कर रहा है तो किसी का बैंक नंबर व आईएफसी कोड गलत है। इसके अलावा पते में भी भिन्नता है।
जिस पर इसे रोक दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग को डाटा वापस कर दिया गया है। विभाग ने संबंधित कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वह अपना डाटा सही करके विभाग को तत्काल मुहैया करा दें।