इस बार दिवाली पर आवागमन में दिक्कत नहीं होगी। सीतापुर डिपो के बेड़े में 60 नई बसें शामिल हुई हैं। इससे डिपो में बसों की संख्या बढ़कर 194 हो गई है। अफसरों का दावा है कि बसों की संख्या बढ़ने से मुसाफिरों को दिक्कत नहीं होगी।
इस साल मई में लखनऊ से सीतापुर और अक्तूबर में सीतापुर से मैलानी तक रेल लाइन बंद होने से रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। अब दीपावली करीब है। दिवाली पर लोग त्योहार मनाने अपने घरों व गांवों को जाते हैं। रेल संचालन ठप होने से रोडवेज बसों पर खासा दबाव बढ़ने का अनुमान है।
ऐसे में परिवहन निगम ने यात्रियों को सुगम यात्रा कराने के लिए कमर कस ली है। अक्तूबर में सीतापुर डिपो के बेड़े में 60 अतिरिक्त बसें शामिल हो गईं हैं। इससे बसों की संख्या बढ़कर 194 हो गई है। इनमें 97 बसें निगम की और 97 अनुबंधित हैं।
यह बसें दिल्ली, लखनऊ, लखीमपुर, हरदोई के अलावा कई व्यस्ततम मार्गों पर चलतीं हैं। गौर करें तो सबसे ज्यादा यात्री दिल्ली व लखनऊ रूट पर सफर करते हैं। नई बसें आने से सभी रूटों पर यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। सीतापुर डिपो के एआरएम विमल राजन ने बताया कि इस माह 60 नई बसें सीतापुर डिपो को मिली हैं। अब हमारे पास 194 बसें हो गई हैं।
छोटे कस्बों में भी ठहराव हो सुनिश्चित
अनुराग जायसवाल ने बताया कि बड़े शहरों के लिए बसों की कोई कमी नहीं है। पर छोटे कस्बों में ज्यादातर चालक बस नहीं रोकते। इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। करन सिंह ने बताया कि कई बार खुले पैसे अथवा दूसरी छोटी-छोटी बात पर परिचालक उलझ जाते हैं। इसे भी दूर करना होगा बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को दिक्कतें नहीं होंगी।