सीतापुर। पशुपालन विभाग की ओर से पूर्व में चयनित किए गए पैरावेट में से कई ने काम छोड़ दिया है। साथ ही वर्तमान वित्तीय साल में चयनित किए जाने वाले 52 पैरावेट का चयन नहीं हो सका है। इससे पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण के लिए चिकित्सालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कुछ क्षेत्रों में पशु चिकित्सालय बहुत दूर स्थित हैं। इससे उन्हें अधिक दिक्कतें हो रही हैं।
पशुपालन विभाग की ओर से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्व रोजगार मैत्री (पैरावेट) का चयन किया जाना है। संंबंधित संस्था की ओर से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। 52 पैरावेट नियुक्त किए जाना है। इसके लिए जनपद स्तरीय चयन समिति का गठन किया गया है।
मेरिट के आधार पर चयन की कार्रवाई पूरी की जानी। इससे जिले में पशुधन विकास संबंधी कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही स्वरोजगार मिलेगा। इसके बावजूद विभाग की ओर से इनका चयन नहीं किया गया है। इससे पशुपालकों को दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें जो सुविधा उनके घर बैठे मिलती, वह नहीं मिल रही है। सीवीओ डाॅ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले ही जॉइनिंग ली है। चयन की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को पत्रावली देख कर जानकारी देंगे।
मेरिट के आधार पर किया जाएगा चयन
पैरावेट का चयन मेरिट के आधार पर किया जाना है। हाईस्कूल (विज्ञान वर्ग) और इंटर (जीव विज्ञान) से उत्तीर्ण होना चाहिए। चयन के समय संबंधित न्याय पंचायत और ब्लॉक के रहने वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। सामान्य वर्ग के 41 और अनुसूचित जाति के 11 पैरावेट चयनित किए जाएंगे।
कार्य के आधार पर मिलता मानदेय
पैरावेट को कार्य के आधार पर मानदेय दिया जाता है। इन्हें प्रति टीकाकरण दो रुपये और प्रति पशु कृत्रिम गर्भाधान कराने पर 50 रुपये दिए जाएंगे।