सीडीओ ने जारी किया आदेश, बीडीओ और पालिका ईओ करेंगे पड़ताल
सीतापुर। जिले में सुहागिनों को विधवा पेंशन देने के मामले नित नए खुलासे हो रहे हैं। इससे वास्तविक अपात्रों की संख्या का पता नहीं चल पा रहा है। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पेंशन के सभी लाभार्थियों की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच सभी बीडीओ व निकाय ईओ करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी संदीप कुमार ने विधवा पेंशन पाने वाले सभी लाभार्थियों की जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारी एवं निकायों को अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजा गया है।
पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों की सूची भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि लाभार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराकर उनके नाम के समक्ष आधार संख्या, मोबाइल नंबर अंकित कराते हुए सत्यापित सूची 15 दिन में जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराएं।
मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि सभी लाभार्थियों को सत्यापन होने से वास्तविक स्थगित का पता चलेगा कि कुल कितने अपात्र पेंशन का लाभ पा रहे हैं।
इन बिन्दुओं पर होगा सत्यापन
बीडीओ एवं निकाय ईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह सत्यापन रिपोर्ट यह उल्लेख करें कि लाभार्थी द्वारा पुनर्विवाह किया गया कि नहीं। लाभार्थी की जीवित है कि नहीं। लाभार्थी के बैक खाते का मूल पासबुक से मिलान किया जाए। अन्य कारणों से लाभार्थी के अपात्र होने के संबंध पड़ताल की जाए।
11 अपात्र महिलाओं से हो चुकी पेंशन की वसूली
सुहागिनों को विधवा पेंशन देने के मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट पीपी उपाध्याय ने की थी। जांच में ब्लॉक परसेंडी की ग्राम पंचायत शेरपुर सरावां की 17 महिलाओं को अपात्र पाया गया था।
इनमें 11 अपात्र महिलाओं क्रमश: रमदेई पत्नी सीताराम, उर्मिला पत्नी अनिल, रेशमा पत्नी विजय कुमार, पुष्पा देवी पत्नी अवनीश कुमार, रामबेटी पत्नी रामराज, नीलम पत्नी रोहन, जशोदा पत्नी नारायन, मूला पत्नी मूलचंद्र, रोहिनी, छोटकन्नी पत्नी छोटू से पेंशन की राशि वसूल की जा चुकी है।
शेष छह अपात्र महिलाओं से पेंशन की राशि वसूलने के लिए आरसी जारी कराए जाने की कार्यवाही जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से की जा रही है।