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बाढ़ प्रभावित पन्द्रह गांवों का तंबौर से कटा संपर्क

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गांजरी इलाके में शारदा का कहर, तंबौर कस्बा समेत 32 गांवों में घरों के अंदर तक भरा बाढ़ का पानी, बाशिंदों में दहशत
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तंबौर/रेउसा (सीतापुर)। शारदा नदी के बाढ़ का पानी तकरीबन सात किलोमीटर दूर तंबौर कस्बे तक पहुंच गया है। इससे कस्बे के नागरिकों में दहशत नजर आने लगी है। इस इलाके में करीब 32 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गांव में घरों के अंदर बाढ़ का पानी हिलोरे मार रहा है। लगभग 15 गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूबने से वहां का आवागमन ठप हो गया है।

तंबौर कस्बे से इन गांवों का संपर्क कट गया है। हालांकि शारदा नदी का जलस्तर गुरुवार को स्थिर रहा लेकिन हालात हर पल भयावह होते जा रहे हैं। उधर, रेउसा इलाके में घाघरा का जलस्तर घटने के साथ कटान भी जारी है। यहां कोनी गांव के छह आशियाने कटान के मुहाने पर आ गए हैं। यहां के बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी कम होने के बाद भी ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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जिले के गांजरी इलाके में शारदा और घाघरा नदियों की लहरें विनाश की नई इबारत लिखने को आतुर हैं। बाढ़ व कटान के कहर से यहां का हर बाशिंदा खौफजदा है। तंबौर प्रतिनिधि के अनुसार, शारदा नदी का जलस्तर गुरुवार को स्थिर रहा। लेकिन बाढ़ का पानी इलाके में लगातार फैलता जा रहा है। शारदा नदी के तटवर्ती गांवों के हालात बेहद खराब हैं।

गंज, दुबाई, चंदीभानपुर, देवपालपुर, कोल्हुआपुरवा, बसन्तापुर समेत तकरीबन 32 गांवों में घरों के अंदर तक बाढ़ का पानी भर गया है। इसके अलावा छतांगुर, औरंगाबाद, मोगलापुर, रोहिया शिवपुर, सुजावलपुर, क्योटना, नन्हूई, बरक्षता, बरेला, ड्योढ़ेडीह, खानामडोर, मानपुर, लखनीपुर व अकबरपुर इत्यादि गांव बाढ़ की चपेट में आने के साथ इनके संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए है।

संपर्क मार्गों पर तेज बहाव से बाढ़ का पानी बह रहा है। रास्तों पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिससे इन रास्तों पर पैदल निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। लिहाजा, इन गांवों का आवागमन ठप होने से इनका संपर्क तंबौर से कट गया है।

शारदा नदी से करीब सात किलोमीटर दूर तंबौर कस्बे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे तंबौर के नागरिकों भयभीत नजर आ रहे हैं। उधर, रेउसा इलाके में घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ कटान जारी है। फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा सहित आठ मजरों में पानी घटने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें कम होने का नाम नही ले रही हैं।

तंबौर की सीएचसी में भरने लगा बाढ़ का पानी
शारदा नदी के बाढ़ का पानी तंबौर स्थित सीएचसी में भरने लगा है। यहां पर बाढ़ का खतरा मंडराने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी बलवती होने लगी है। गुरुवार को बाढ़ का पानी सीएचसी परिसर में भरता रहा।

खत्म होने की कगार पर कोनी गांव का अस्तित्व
रेउसा इलाके में कोनी गांव का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। दरअसल, यहां विनोद, इंदल, रामनिवास इत्यादि की झोपड़ियां कटान की चपेट में आकर धीरे-धीरे जमींदोज होती जा रही हैं। इस गांव के नाम पर यहां चार-पांच झोपड़ियां ही बची हैं। इनके जमींदोज होते ही कोनी गांव भी इतिहास बनकर रह जाएगा।
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लंच पैकेट व फलों का वितरण किया
लहरपुर। तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव बिचला बरेती, रतौली डीह के बाढ़ प्रभावितों को गुरुवार को 3500 लंच पैकेट वितरित किए गए। ईंट भट्टा एसोसिएशन लहरपुर के तत्वावधान और एसडीएम पूर्णिमा सिंह के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय अमर नगर में लंच पैकेट के साथ फलों का वितरण भी किया गया।

इस मौके पर तहसीलदार संजय यादव, विधायक प्रतिनिधि उमाशंकर वर्मा, हाजी रईस अहमद अंसारी, हाजी जावेद, हाजी सिराज, हाजी कलामुद्दीन मौजूद थे।
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