357 कब्रिस्तानों की चाहरदीवारी की होगी जांच
एक ही कार्यदायी संस्था ने किए सभी कार्य
सीतापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन अखिलेश सरकार के शासनकाल में बने कब्रिस्तानों की चाहरदीवारी की जांच के आदेश दिए हैं। सीतापुर में भी 2,392 में से 346 कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनकर पूरी हो चुकी हैं। जबकि 11 कब्रिस्तानों में निर्माणकार्य चल रहा है। जांच के आदेश के बाद यहां पर भी निर्माण जांच के दायरे में है। मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शमशान बनाम कब्रिस्तान का मुद्दा उठाया था। अखिलेश सरकार ने पांच सालों में कब्रिस्तान की चाहरदीवारी निर्माण पर 2667.48 लाख रुपये खर्च किए थे। प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कब्रिस्तान की चाहरदीवारी योजना की भी जांच के निर्देश दिए हैं। जिससे सीतापुर जनपद में भी खलबली मच गई है। कारण यह है कि तत्कालीन अखिलेश सरकार में सीतापुर जनपद में भी कब्रिस्तानों में चाहरदीवारी बनवाई गई थी। यहां पर 2,392 कब्रिस्तान हैं, जिसमें से 346 की चाहरदीवारी बनकर तैयार हो चुकी हैं। जबकि वर्तमान में 11 कब्रिस्तान में चाहरदीवारी बनाने का काम चल रहा हैं। विभागीय जानकारों की मानें तो कि जनपद में सभी चाहरदीवारी एक ही कार्यदायी संस्था सीएनडीएस यूनिट 29 लखनऊ द्वारा बनाई गई हैं। अब सरकार ने इस योजना में जांच के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में यहां की सभी चाहरदीवारी की जांच कराई जाएगी। शासन ने सीनियर अफसरों की अगुवाई में तीन-तीन सदस्यों की कमेटी बनाकर जांच को कहा हैं।
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कमेटी इन पहलुओं पर करेगी जांच
कब्रिस्तान की चारदीवारी विवादित जमीन पर तो नहीं बनाई गई, निर्माण के काम की क्वालिटी कैसी है, चारदीवारी किस रेट पर बनी है, बाजार से अधिक रेट पर तो ठेके नहीं दिए गए, और क्या जितने का बजट था उतना काम हुआ है या नहीं, किस कार्यदायी संस्था ने काम किया।
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जांच के मिले हैं निर्देश
कब्रिस्तानों पर बनाई गई चारदीवारी की जांच को लेकर शासन का पत्र मिला हैं। जल्द ही शासन के निर्देशों के क्रम में जांच कमेटी गठित की जाएगी।
- डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, सीडीओ