सीतापुर। कोरोना काल में सेना के जवानों ने ऑक्सीजन की सप्लाई करके जिंदगियां बचाई हैं, अब सेना की जमीन भी जनमानस को ऑक्सीजन देगी। अबकी बारिश में शहर के इर्द-गिर्द स्थित सेना की जमीन पर 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण के लिए सिखलाई और महार रेजीमेंट ने वन विभाग को अनुमति दे दी है।
शहर के इर्द-गिर्द सेना की काफी जमीन है। तीन तरफ से शहर सेना की जमीन से घिरा है। इस बार वन विभाग ने सेना की जमीन पर पौधरोपण करने की योजना बनाई है। इसे अमली जाम पहनाने के लिए वन विभाग ने सेना से अनुमति भी हासिल कर ली है।
डीएफओ परवेज रुस्तम ने बताया कि सिखलाई और महार रेजमेंट की जमीन पर 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इन दोनों रेजीमेंट की जमीन लालकुर्ती और पीएससी परिसर से सटी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि पौधरोपण पंचवटी कांसेप्ट पर किया जाएगा। पीपल, पाकड़, बरगद व जामुन आदि के पौधे ज्यादा लगाए जाएंगे। इसके अलावा सागौन, आम व अमरूद आदि का भी प्लांटेशन होगा। डीएफओ ने बताया कि गड्ढों की खुदाई और खाद देने का काम पूरा कर लिया गया है। मानसून आने के साथ पौधरोपण शुरू कर दिया जाएगा।
कोरोना की महामारी में उलझी सरकार के पास अभी तक पौधरोपण में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाने के लिए कोई योजना नहीं है। सामान्य गति से पौधरोपण कराया जाएगा। जिले में 62 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इसमें करीब 18 लाख पौधे वन विभाग लगाएगा। डीएफओ ने बताया कि इस बार फलदार पौधों को प्रमुखता दी गई है। जामुन, आंवला, अनार, नीबू व करौंदा आदि की पौध उपलब्ध रहेंगी। विभाग किसानों को पौधे मुफ्त उपलब्ध कराएंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर सेक्रेड हार्ट डिग्री कॉलेज के साथ मिलकर वन विभाग स्लोगन राइटिंग, पोस्ट और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन कराने जा रहा है। डीएफओ ने बताया कि प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होंगी। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विद्यार्थी फोन नंबर 9452114634, 9415151241 और 7007601119 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।