सूचना न देने पर राज्य सूचना आयुक्तने जनसूचना अधिकारी (सिटी मजिस्ट्रेट) पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना दो मामलों में 25-25 हजार रुपये लगाया गया है।
शहर के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी ओम प्रकाश पांडेय ने 11 अक्तूबर 2011 को तत्कालीन जिलाधिकारी अमोद कुमार के कार्यकाल में डीएम आवास की बाउंड्रीवाल निर्माण के संबंध में सूचनाएं मांगीं थी।
इसके जरिये उन्होंने बाउंड्रीवाल निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था का नाम, निविदा, ठेकेदारों के नाम व पते, लंबाई, ऊंचाई, चौड़ाई, खर्र्च धनराशि आदि का ब्यौरा मांगा था। इसके अलावा उन्होंने बीते 14 अक्तूबर 2011 को लालबाग से आंख अस्पताल मार्ग के निर्माण व चौड़ीकरण के संबंध में कई बिंदुओं पर सूचनाएं मांगीं थी।
सूचना न मिलने पर वादी ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। इस पर बीते 22 अप्रैल को राज्य सूचना आयुक्त ने सुनवाई के दौरान डीएम कार्यालय का पक्ष उपस्थित न होने पर नाराजगी जताई और इस प्रकरण में उन्होंने डीएम कार्यालय के जन सूचना अधिकारी (सिटी मजिस्ट्रेट) पर जुर्माना लगाया।
राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने दोनों मामलों में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयुक्त ने फैसले में ट्रेजरी ऑफीसर सीतापुर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिसमें कहा गया है कि 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बतौर अर्थदंड 25 हजार रुपये जनसूचना अधिकारी कार्यालय जिलाधिकारी से वसूले जाएं।