राज्य सूचना आयुक्त अरविंद कुमार बिष्ट ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं आवेदक को न देने व आयोग के समक्ष उपस्थित न होने पर डीएम दफ्तर के जनसूचना अधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना दो अलग-अलग सूचना के मामलों में लगाया गया है।
शहर के सिविल लाइंस निवासी ओम प्रकाश पांडेय ने 11 अक्तूबर तथा 14 नवंबर 2011 को डीएम कार्यालय से कुछ बिंदुओं पर आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। डीएम दफ्तर के जन सूचना अधिकारी/ तत्कालीन एडीएम द्वारा सूचनाएं देने में हीलाहवाली की जाती रही।
काफी समय बाद भी आवेदक को जब सूचना नहीं मिली तो उसने आयोग की शरण ली। सुनवाई के दौरान जन सूचना अधिकारी के उपस्थित न होने पर राज्य सूचना आयुक्त ने इसे आदेशों की अवहेलना करार देते हुए जनसूचना अधिकारी को दोषी माना।
राज्य सूचना आयुक्त ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/ एडीएम पर आरटीआई की धारा 20 (1) के तहत दोनों मामलों में 25-25 हजार रुपये का जुुर्माना लगाया है।