घाघरा व शारदा नदी शुक्र वार की रात से पूरी तरह से उफान पर आ गई हैं। यही वजह है कि बाढ़ के भय से तटीय क्षेत्र में बसने वाले 50 से अधिक परिवारों ने रातों रात घर छोड़ दिए और घरेलू सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर गए हैं।
मारूबेहड़ प्रतिनिधि के अनुसार गोड़ियन पुरवा में छोटे लाल, राम मूरत, शत्रोहन, देवी दयाल, छोटी देवी, मुन्ना, अवतार, सोमवारी लाल, प्रसाद, रामचरन, गजराज, हरेराम, जवाहिर, सकटू आदि परिवार के साथ बाढ़ के भय से सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर गए हैं। इसी तरह से सिसैया के शिवराम, गुमानी, लखन चंद्रभाल पुरवा रामनाथ, भगौती प्रसाद, शत्रोहन लाल, नंदराम, देवराज, बेचे लाल, परशुराम, राजेश, राजपती, शिवनारायन, फूलमती आदि निर्मल पुरवा में जमुना देवी, शत्रोहन, राधेश्याम, भरोसे, ढोड़े, बाबू शर्मा, दुआदीन बैजल आदि ग्रामीण घरों को छोड़कर पलायन कर गए हैं।
क्षेत्र में घाघरा नदी पूरी तरह से उफान पर है। नदी में उठती ऊंची लहरें, किनारों से टकराकर बाहर आ रही हैं। इससे तटीय क्षेत्र में नदी का पानी आबादी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। वहीं नदी तेजी से कटान भी कर रही है। क्षेत्र के रामलाल पुरवा व पचीसा में बाढ़ की नौबत बनती नजर आ रही है। नदी निर्मल पुरवा, कोनी, फौजदार पुरवा, महंत पुरवा, बरार, टिब्भा, सिसैया, दरियाना आदि गांवों में कटान कर रही है। इस क्षेत्र से भी तमाम परिवार पलायन कर रहे हैं।
तंबौर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में शारदा नदी का पानी भी उफान मार रहा है। यहां पर बाढ़ जैसी नौबत नजर आ रही है। नदी चटेला, बरेला, देवपालपुर, बसंतापुर, बोधवा, असईपुर, मल्लापुर, काशीपुर, बढ़हिन पुरवा, चंदीभानपुर आदि गांवों के निकट कटान कर रही है। यहां से भी ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार इस क्षेत्र में घाघरा नदी का रौद्ररूप देखने को मिल रहा है। नदी फतुल्लापुर, अंगरौरा, कनरखी में अपना भयानक रूप दिखा रही है। कटान करने के साथ नदी की लहरें नदी के बाहर आकर गिर रही हैं। क्षेत्र के लोग बाढ़ की संभावना से दहशत में नजर आ रहे हैं। वे क्षेत्र की सड़कों पर डेरा डालने को मजबूर हैं।