लहरपुर (सीतापुर) क्षेत्र से गुजरने वाली तेंदुआ माइनर नहर की दाहिनी पटरी बरगदहा पुल के पास कट गई। यही पर सद्दाम के धान का खेत हैं। नहर कटने से उसकी धान की फसल मिट्टी से पट जाने से नष्ट हो गई। नहर पटरी के कटने से 50 बीघा से अधिक धान की फसल डूब गई जिससे किसानों में रोष है। किसानों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर गांव के तीन लोगों पर नहर काटने का आरोप लगाया।
तेंदुआ माइनर नहर कटने से महेंद्र वर्मा का 25 बीघा धान, मुजीब का आठ बीघा, सद्दाम की एक बीघा धान, सुरेश यादव की आठ बीघा, पप्पू की 15 बीघा धान की फसल में पानी भर जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नहर कटने को लेकर ग्राम दर्जिन पुरवा निवासी मुजीब ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के ही तीन लोगों ने नहर को उनके खेत में काट दिया है। मना करने पर लड़ाई झगड़े पर आमादा हो गए थे।
नहर कटने के संबंध में ग्रामीणों ने सहायक अभियंता नहर अंशुल वर्मा को सूचना दी। उन्होंने बताया कि नहर में पानी की क्षमता को कम कर दिया गया है। शीघ्र ही कटी नहर पटरी को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में अवर अभियंता शिव प्रताप यादव ने बताया कि नहर कटने की सूचना मिली है। जेसीबी और मजदूर न मिलने के कारण नहर पटरी की मरम्मत शनिवार को नहीं हो सकी है। रविवार को नहर पटरी दुरुस्त कराकर किसानों को पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।