सीतापुर। महमूदाबाद ब्लॉक में डीएम और सीडीओ की रोक के बाद भी काली सूची में चिह्नित तीन फर्मों को पांच करोड़ का भुगतान कर दिया गया। इन फर्मों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई बीते साल हुई थी। जिम्मेदारों की सांठगांठ से इन फर्मों ने बिना काम कराए ही चार ग्राम पंचायतों में 70 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही तात्कालिक डीएम व सीडीओ ने इन फर्माें के बाकी भुगतान पर रोक लगा दी थी।
इसकी शिकायत शहर के आनंद नगर निवासी नरेश अवस्थी ने डीएम डा. राजागणपति से की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीते साल नवंबर माह में तत्कालीन डीएम ने वर्ष 2023-24 में जिले का श्रम व सामग्री अनुपात खराब होने पर महमूदाबाद ब्लॉक में मनरेगा के भुगतान पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद ब्लैकलिस्ट फर्मों ने अफसरों से सांठगांठ कर अवैधानिक ढंग से पांच करोड़ का भुगतान बीते तीन माह में प्राप्त कर लिया है।
महमूदाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहटी, सिहारुखेड़ा, मदारीपुरवा और पचदेवरा चौबे में मनरेगा से कराए गए सात कार्यों पर बिना कोई काम कराए करीब सत्तर लाख रुपये का भुगतान हो गया था। इसकी जानकारी के बाद तत्कालीन डीएम के निर्देश पर हुई जांच में मामला सही पाए जाने पर तत्कालीन बीडीओ श्रीश कुमार गुप्ता ने सीडीओ के आदेश पर बीते साल जुलाई माह में आरोपियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई थी।