सीतापुर। आउट ऑफ स्कूल चिह्नित 4,990 बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 1377 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। पढ़ाने के दौरान इन बच्चों को वहीं सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जो परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मिलती हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से सात से 14 साल तक के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को पूरे जिले में सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में 4990 बच्चे मिले थे। यह बच्चे विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा रहे हैं। कोई बच्चा विद्यालय दूर होने के कारण तो कई बच्चे अभिभावकों के उदासीन होने के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। अब इन बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा गया है।
इसके तहत परिषदीय विद्यालय के क्षेत्र में अगर पांच से कम बच्चे मिले हैं तो संबंधित विद्यालय के एक शिक्षक को उन्हें पढ़ाने के लिए नोडल बनाया गया है। वह इन बच्चों को स्कूल बुलाकर पढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसी तरह अगर किसी क्षेत्र में पांच से अधिक बच्चे मिले हैं तो इसके लिए सेवानिवृत्त के बतौर विशेष शिक्षक की नियुक्ति की गई है। इनको अलग से मानदेय मिलेगा ताकि बच्चों को स्कूल की समयावधि में ही पढ़ाया जा सके। पांच से अधिक बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे 272 केंद्र बनाए गए हैं। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है। बच्चों की मॉनिटरिंग भी हो रही है।
इन बच्चों को शासन की तरफ से डीबीटी का लाभ भी मुहैया कराया जा रहा है। इसके तहत पाठ्य पुस्तकों के साथ स्कूल बैग उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक माह इसका मूल्यांकन भी हो रहा है ताकि उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल करने के दौरान अन्य बच्चों के मुकाबले पक्षपात न दिखे। बीईओ को निर्देश दिया गया है कि नियमित अंतराल पर इन केंद्रों का भ्रमण करके इन बच्चों के शिक्षण कार्य की निगरानी करें।