सीतापुर। शासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षणिक अभिलेखों की जांच तीन सदस्यीय समिति ने की। दो अध्यापकों के अभिलेख अधूरे पाए गए। इससे गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
केजीबीवी में एक शिक्षिका के अभिलेखों से कई जिलों में नौकरी करने का मामला गरमाने के बाद शासन ने सख्ती दिखाई है। इसी के तहत अन्य विद्यालयों मेें कार्यरत शिक्षकों के शैक्षणिक अभिलेखों की जांच के आदेश दिए गये हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय रहीमाबाद, हाजीपुर व अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत 48 शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेख सोमवार को विकास भवन सभागार में जांचे गये।
ये कार्रवाई शासन के निर्देश पर हुई। तीन सदस्यीय समिति में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला विकास अधिकारी एवं प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज शामिल रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों के अभिलेख जांचे गये हैं। प्राथमिक विद्यालय कटसरैंया के दो अध्यापकों के अभिलेख अधूरे पाए गये हैं।