सीतापुर। बेहटा के सोनसरी गांव में हेपेटाइटिस से पीड़ित 96 मरीजों में से 78 की वायरल लोड की जांच रिपोर्ट मंगलवार को केजीएमयू से आ गई। इनमें से 48 में हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई है। अब जिला अस्पताल की तरफ से बुधवार को इन मरीजों को दवा दी जाएगी।
सोनसरी गांव में मरीज मिलने के बाद पूरे गांव के लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। अब तक शुरुआत में कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट में 152 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। इन मरीजों में फैले वायरस का आकलन करने के लिए वायरल लोड की जांच का सैंपल केजीएमयू भेजा गया था। केजीएमयू से जिला अस्पताल को मंगलवार को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। 78 मरीजों में 35 हेपेटाइटिस सी व 13 हेपेटाइटिस बी से संक्रमित मिले हैं। इन मरीजों में संक्रमण खत्म करने के लिए अब तीन माह तक दवाएं खानी पड़ेंगी। दवाएं जिला अस्पताल की तरफ से मरीजों को दी जाएंगी। सीएचसी तंबौर की टीम मरीजों की बराबर निगरानी करेगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने बताया कि मरीजों का इलाज शुरू करवाया जा रहा है।
30 मरीजों की भी होगी निगरानी
जिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. स्वस्ति बाजपेयी का कहना है कि पहले चरण में 78 मरीजों का सैंपल भेजा गया था। इसमें से 48 मरीजों में संक्रमण फैल चुका है। तीन माह के कोर्स से ये मरीज आसानी से ठीक जाएंगे। कोर्स पूरा होने के बाद मरीजों की फिर से वायरल लोड की जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दवाएं बंद होंगी या तीन माह और बढ़ा दी जाएंगी। इसके अलावा अन्य 30 मरीज हेपेटाइटिस संक्रमित जरूर मिले हैं लेकिन वायरल लोड की जांच में इनके शरीर में वायरस से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसलिए इन्हें दवा खाने की जरूरत नहीं है। छह माह तक निगरानी करने के बाद फिर से वायरल लोड की जांच करवाई जाएगी।
बिना चूके निश्चित समय पर सुबह-शाम खिलाएं दवा
सीतापुर। सोनसरी गांव में हेपेटाइटिस के 152 मरीज मिलने के बाद इलाज की कवायद शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी गई। तीन माह तक मरीजों की विशेष निगरानी व नियमित देखभाल करने की जानकारी दी।
केजीएमयू से जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएचसी तंबौर से चिकित्सकों को ट्रेनिंग के लिए मंगलवार को जिला अस्पताल बुलाया गया था। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार, बरेली मंडल के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखिलेश्वर सिंह, सीएचसी अधीक्षक तंबौर डॉ. मनोज कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. दीपेंद्र वर्मा व सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया। उसके बाद जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीजों का इलाज करने वाली डॉ. स्वस्ति बाजपेयी ने सीएचसी के चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी। उन्होंने बताया कि वायरल लोड की जांच में पुष्टि होने के बाद तीन माह का कोर्स शुरू कर दीजिए।
मरीजों को रोजाना एक निश्चित समय पर ही दवाएं खाने की सलाह दें। अगर सुबह सात बजे दवा खाई है तो तीन माह तक इसी समय पर दवा लें। ब्लड कनेक्ट से बचें। रक्तदान न करें। तीन माह तक लगातार दवा खाएं। एक दिन भी दवा न छोड़ें। अगर छोड़ देते हैं तो अगले दिन से फिर से तीन माह का कोर्स शुरू करना पड़ेगा। तीन माह बाद फिर से वायरल लोड की जांच करवाएं। वायरल लोड की जांच में जो निगेटिव आए हैं उनकी छह माह बाद दोबारा जांच जरूर करवाएं। इससे उनके शरीर में मौजूदा वायरल के नुकसान का आकलन हो सकेगा।
सीएमओ ने परखीं सुविधाएं
सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने जिला अस्पताल की सुविधाओं की भी जांच की। इमरजेंसी कक्ष, इमरजेंसी भर्ती कक्ष व दवाओं की स्थिति देखी। मरीजों से बातचीत की। सीएमएस को बेहतर देखभाल करने के निर्देश दिए।