सीतापुर। गांजर के बाशिंदों को इस बार बाढ़ की से समस्या से राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। बिसवां तहसील में एक व महमूदाबाद तहसील में दो तटबंध बनेंगे। इन परियोजनाओं पर 44 करोड़ रुपये खर्च होगा। तटबंध बनने के बाद गांजर की 40 हजार आबादी को फायदा मिलेगा।
सीतापुर जिले की तीन तहसीलें बिसवां, लहरपुर और महमूदाबाद गांजरी इलाके के नाम से पहचानी जाती है। यहां हर साल वर्षा और पहाड़ों से छोड़े गए पानी से तबाही मचती है। बाढ़ की विभीषिका में यहां के हजारों लोगों के घर और जमीन नदी में समा जाते हैं। शायद यही वजह है कि यहां का समूचा इलाका पूरी तरह से पिछड़ा है। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेवता विधानसभा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आए थे।
इस दौरान सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांजर की समस्या रखी थी। इस पर उन्होंने लोगों को समस्या के समाधान के प्रति आश्वस्त किया था। इस पर जिला प्रशासन ने बिसवां और महमूदाबाद तहसीलों में तटबंध बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। तीन परियोजनाओं को मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने स्वीकृति दे दी है।
जिन तीन परियोजनाओं को शासन स्तर से मंजूरी मिली है, उनमें बिसवां तहसील की एक व महमूदाबाद तहसील की दो परियोजना शामिल हैं। सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने बताया कि शासन ने बिसवां तहसील की खमरिया-शेखूपुर-बड़ईडीह, महमूदाबाद तहसील की बगस्ती परियोजना के लिए 24 करोड़, शुकल्लनपुरवा परियोजना के लिए आठ करोड़ बजट की मंजूरी दी है।
बिसवां तहसील में खमरिया से शेखूपुर होते हुए बड़ईडीह तक तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 12 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। बगस्ती में 24 करोड़ तथा शुक्लनपुरवा में आठ करोड़ बजट से तटबंधों का निर्माण कराया जाएगा। तीन परियोजनाओं में तटबंध बनने से यहां की करीब 40 हजार जनता को लाभ होगा।
बाढ़ से 44 गांवों के लोगों को मिलेगी निजात
शासन स्तर से मंजूर तीन परियोजनाओं में 44 गांवों के लोगों को राहत मिलेगी। बिसवां तहसील की खमरिया वाया शेखूपुर, बड़ईडीट में 22 गांव आते हैं। महमूदाबाद तहसील के बगस्ती में 14 तथा शुकलनपुरवा में आठ गांव आते हैं। वहां तटबंध बनने से इन गांवों को बाढ़ की समस्या से निजात मिल जाएगी।