सर्दी ने दिखाए तेवर, अलाव जले न गरीबों को मिले कंबल
सीतापुर। बदली और पछुआ हवा की जुगलबंदी से ठंड शबाब पर पहुंच गई है। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
इसके बावजूद अब तक ठंड से बचाव की प्रशासनिक तैयारियां मुकम्मल नहीं हो सकी हैं। सार्वजनिक स्थलों पर न अलाव जलाए गए हैं, न ही गरीबों को कंबल वितरित किया जा सका है। कड़ाके की ठंड में राहत के लिए गरीब और असहाय कागज जलाने को मजबूर हैं।
बताते चलें कि प्रतिवर्ष ठंड पड़ने से पहले शहर से लेकर तहसील स्तरों पर अलाव व कंबल वितरण की व्यवस्था कर ली जाती थी।
तहसील में लेखपालों व अन्य उच्चाधिकारियों के माध्यम से कंबल का वितरण कराया जाता है। वहीं कस्बे व गलियों के प्रमुख चयनित चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है।
इधर, मंगलवार से ठंड ने जोर पकड़ लिया है। गलन भरी सर्दी ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अब तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही गरीबों को कंबल बांटे गए हैं।
ऐसी दशा में रैन बसेरों की बात करना ही बेमानी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के बिस्तर और कंबल की व्यवस्था भी औपचारिकता तक सीमित है। लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक गरीबों के हाथों में कंबल नहीं थमाए हैं। ऐसे में सर्दी उनके लिए मुसीबत बन सकती है।