अपराधियों की शरणस्थली बनी कांशीराम कॉलोनी
ट्रिपल मर्डर मामले में पकड़ा गया आरोपी भी इसी कॉलोनी का था निवासी
पुलिस का दावा, बहन के नाम आवंटित कमरे में रहकर रची गई पूरी साजिश
पकड़ा गया एक अन्य संदिग्ध भी इसी कॉलोनी का बाशिंदा
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। गरीबों के लिए बनी कांशीराम कॉलोनी शातिर अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है। शराब, जिस्मफरोशी, सट्टा, जुआ ही नहीं शहर के चर्चित ट्रिपल मर्डर जैसी वारदातों की स्क्रिप्ट भी यहीं पर लिखी गई है। शायद ही कोई ऐसा जरायम हो, जिससे जुड़े लोग यहां पनाह न पाते हो। सूत्र बताते हैं कि शहर के कुछ चर्चित माफिया तक यहां से सट्टे और स्मैक की स्मगलिंग का कारोबार कर रहे हैं। सस्ते हैंडलर मिलने की वजह से नशे का बड़ा कारोबार संचालित हो रहा है। पुलिस भी जान बूझकर अंजान बनी है। इस वजह से कॉलोनी में रहने वाले लोगों में हमेशा दहशत बनी रहती है।
करीब सात पहले बनी कांशीराम कॉलोनी बसाने के पीछे गरीबों को छत मुहैया कराने का मकसद था लेकिन पात्रों की जगह यहां पर कई अपराधी किस्म के लोग काबिज हो गए। बताते हैं कि पिछले दिनों हुए ट्रिपल मर्डर मामले में पकड़े गए एक आरोपी भी कांशीराम कॉलोनी का निवासी बताया जा रहा है। एक अन्य संदिग्ध भी इसी कॉलोनी का निवासी है। इसके अलावा चरस और स्मैक जैसे मादक पदार्थों की बिक्री के लिए यहीं से हैंडलिंग की जाती है। जिसके बाद यह सप्लाई शहर के पुराना सीतापुर, सरदार फार्म, दुर्गापुरवा, बड़ी लाइन स्टेशन, सदरबाजार, बिजवार, नैपालापुर, स्वरूप नगर, हुसैनगंज के अलावा जिले के खैराबाद, बिसवां, लहरपुर, महमूदाबाद आदि जगहों पर पहुंचाई जाती है। लेकिन बेपरवाह जिम्मेदार शायद ट्रिपल मर्डर जैसी वारदात होने का इंतजार कर रहे थे। अब पुलिस व प्रशासन की आंखें खुली हैं, लेकिन तब जब पूरी कांशीराम कॉलोनी अपराधियों की जकड़न में आ गई है। ट्रिपल मर्डर व लूट के आरोप में दबोचे गए शरीफ व इसी प्रकरण में संदेह के घेरे में आए सूरज यादव जब इसी गरीब कॉलोनी में रहते पाए गए तो अफसरों की आंखें खुली हैं। अब पुलिस को भी कांशीराम कॉलोनी अपराधियों की शरणस्थली नजर आने लगी है।
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गरीबों की कॉलोनी में ऐश कर रहे अमीर
कांशीराम कॉलोनी अब कहने भर को गरीबों का आशियाना बनकर रह गई हैं। यहां गरीबों की जगह पैसे वाले लोग ऐशोआराम करने पहुंचते हैं। इससे कॉलोनी के गरीब तबके के मूलपात्र परेशान भी रहते थे, लेकिन इनकी आवाजें जहां- तहां दबा दी जाती थीं। कांशीराम कॉलोनी पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी सिर्फ अपनी कमाई के चक्कर में सब कुछ देखते हुए नजरअंदाज करते रहते थे। पुलिस की इसी लापरवाही से कांशीराम कॉलोनी बदनाम हो गई है।
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पुलिस के रडार पर आई कॉलोनी
ट्रिपल मर्डर से एकबार फिर सुर्खियों में आई कांशीराम कॉलोनी अब पुलिस के रडार पर आ गई है। लूट व ट्रिपल मर्डर की वारदात का खुलासा करते समय एसपी मृगेंद्र सिंह ने कहा था कि कांशीराम कॉलोनी के बारे में काफी हैरतअंगेज जानकारियां सामने आ रही हैं। यहां अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। एक-एक आवास में सर्च ऑपरेशन किया जाएगा, ताकि यहां से अपराधियों का पूरी तरह सफाया हो सके।
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आवंटन किसी के नाम, किराए पर रह रहे लोग
कांशीराम कॉलोनी के आवंटन में हुई घपलेबाजी की वजह से कई अपात्र लोगों को आवास आवंटन हो गए हैं। वह स्वयं घरों के मालिक हैं। वह अपने घरों में रहते हैं, लेकिन कांशीराम कॉलोनी में मिले आवासों को दूसरे लोगों को किराए पर रख दिया है।