लहरपुर के बरेती में हो रहा बाढ़ बचाव राहत कार्य व रेउसा में जलमग्न फसल। संवाद
रामपुर मथुरा/रेउसा। सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को 10 सेंटीमीटर बढ़कर 118.20 मीटर पर पहुंच गया। पानी खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, शारदा नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 134.90 मीटर पर पहुंच गया, ये खतरे के निशान 135.49 से 0.54 मीटर नीचे है।
इस बीच बुधवार को बैराजों से 3.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस सीजन में बैराजों से छोड़े जा रहे पानी में ये सबसे अधिक है। ऐसे में तटवर्ती 28 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। करीब 120 बीघा फसलों में बाढ़ का पानी पहले से भरा है।
रामपुर मथुरा में उफनाई सरयू के पानी का बहाव आबादी की ओर होने लगा है। बाढ़ का पानी प्यारेपुरवा की ओर धीरे-धीरे फैल रहा है। इस गांव की भजनी ने बताया कि हमारे घर के सामने तक पानी पहुंच गया है।
यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अखरी, निरंजनपुरवा, प्यारेपुरवा, शुकुल पुरवा आदि 18 तटवर्ती गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। करीब 80 बीघा फसलों में पहले से पानी भरा है। अब पानी बढ़ने पर फसलों के नुकसान का खतरा उत्पन्न बढ़ जाएगा। सबसे बड़ी समस्या प्यारेपुरवा, नगेशरपुरवा व बाबाकुटी के पशुपालकों की है। खेतों में पानी भरा होने से पशुओं के लिए चारा नहीं मिल पा रहा है। रेउसा इलाके में सरयू का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती ग्योडी छोलहा, श्रीरामपुर, पासिनपुरवा, गोड़ियरपुरवा, मरेली, दुर्गापुरवा समेत 10 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी के किनारे की 20 बीघा फसल पहले ही जलमग्न हो चुकी है। नदी का पानी इन गांवों से महज 100 मीटर दूर है। ग्रामीणों के मुताबिक, जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो किसी भी समय बाढ़ के हालात बन सकते हैं।
लहरपुर के बरेती में हो रहा बाढ़ बचाव राहत कार्य व रेउसा में जलमग्न फसल। संवाद