सीतापुर। जिले के 3800 शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी है। दो माह का बकाया मानदेय मिलने वाला है। यह मानदेय उनको नवंबर व दिसंबर माह का एक साथ दिया जाएगा। मानदेय को पाने के लिए शिक्षामित्र काफी समय से शासन से मांग कर रहे थे। इससे शिक्षामित्रों को काफी राहत मिलेगी।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग व सर्व शिक्षा अभियान के तहत करीब 3800 शिक्षामित्र कार्य कर रहे हैं। यह रोजाना स्कूल जाकर नौनिहालों का भविष्य संवार रहे हैं। जहां शिक्षकों को हर माह वेतन मिल जाता है, वहीं शिक्षामित्रों को नवबंर व दिसंबर माह का मानदेय नहीं मिल सका था। इसकी वजह से इनके सामने आर्थिक समस्या आ गई थी। कोई बच्चे की ट्यूशन फीस नहीं जमा कर पा रहा था तो कोई हाउस लोन जमा करने में असमर्थ हो रहा था।
इससे यह लोग शासन से बराबर मानदेय दिलाने की मांग कर रहे थे। अब इनकी यह आर्थिक समस्या दूर होने वाली है। शासन ने एक साथ नवंबर व दिसंबर माह का मानदेय देने का निर्णय लिया है। इससे शिक्षामित्रों ने काफी राहत महसूस की है। शिक्षामित्र धर्मेद्र पांडेय ने बताया कि बकाया मानदेय मिलेगा। यह ठीक है। लेकिन जिस तरह से मानदेय को लेकर विज्ञापन व प्रचार किया जा रहा है, इस पर आपत्ति है। मानदेय मिल रहा है, यह हमारा अधिकार है। कोई बोनस नहीं है जो इतना प्रचार हो रहा है।
शिक्षामित्र विवेक ने बताया कि अब तो जनवरी भी समाप्त हो गया है। इसलिए तीन माह का मानदेय बकाया है। इन तीन माह में हम लोगों ने कैसे अपना घर परिवार चलाया है, यह हम खुद ही जानते है। इसलिए प्रत्येक माह की शुरुआत में मानदेय मिल जाना चाहिए। शिक्षामित्र जगदीश ने बताया कि हम लोग रोजाना स्कूल जाकर अध्यापन करते है। कभी शिक्षण कार्य में लापरवाही नहीं बरतते है, सरकार हम सभी की समस्या को ध्यान में रखते हुए मानदेय समय से दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे कोई समस्या न आए।
शिक्षामित्रों का मानदेय उनके खातों में भेजने की तैयारी कर ली गई है। अब बस ग्रांट आने का इंतजार हो रहा है। ग्रांट मिलने पर तुरंत इसका फायदा दे दिया जाएगा।
- आनंद विक्रम सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग