फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उफनाई घाघरा, 30 गांवों पर मंडराया खतरा

Tue, 25 Jul 2017 10:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बाढ़
विज्ञापन
बैराजों से छोड़े गए पानी से घाघरा एक बार फिर से उफना चली है। इससे बरसाती नाले पानी से लबालब हैं। बाढ़ के पानी से तटीय क्षेत्र के खेत जलमग्न हो रहे हैं। पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है।
विज्ञापन


इससे करीब 30 गांवों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। बाढ़ के साथ ही नदी तटीय इलाके में कटान कर रही है। लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, बैराजों से मंगलवार को सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। 

घाघरा नदी का पानी सोमवार को किनारों से एक फीट नीचे बह रहा था। सोमवार देर रात से पानी इस कदर बढ़ा, कि मंगलवार सुबह तक घाघरा उफनाने लगे। नदी में गिरने वाले बरसाती नाले ओवर फ्लो हो गए।
विज्ञापन


इससे बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बहने लगा। खेत बाढ़ के पानी में समा गए। चहलारी घाट पुल के निकट मौजूद खेती योग्य जमीन बाढ़ के पानी में समा गई है, जबकि पुल के निकट ही मौजूद गैस एजेंसी तक नाले में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

जहां नदी का पानी उफान मार रहा है, वहीं नदी तटीय क्षेत्र की आबादी में कटान कर रही है। गोड़ियनपुरवा निवासी रामस्वरूप का 2 बीघा खेत सोमवार रात कटकर नदी में बह गया। इसी तरह से नदी कोनी, दुर्गापुरवा आदि गांवों में कटान कर रही है।

बरसाती नालों में बाढ़ का पानी चलने से तटीय क्षेत्र के करीब 30 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उधर, घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 2,28,127 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है।

इससे कोई घरों का सामान समेट रहा है, तो कोई अपने घरों पर खुद ही हथौड़ा चला रहा है। बिसवां क्षेत्र के के एसडीएम दीपेंद्र यादव तटीय क्षेत्र के बाशिंदों से संपर्क साधे हैं। एसडीएम की निगरानी में लेखपालों की टीम लगी हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें