रेउसा क्षेत्र में मल्लापुर, पचीसा, बरार, टिब्भा की आबादी घाघरा पार एक टापू पर बसी हुई है। हाल में नदी में करीब चार किलोमीटर दूरी तक लोग रेत पर पैदल चल रहे थे। बुधवार सुबह अचानक नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते दोपहर तक नदी का पानी पूरी वेग से बहने लगा।
इससे जिस रेत पर लोग पैदल चल रहे थे, वह रेत पानी की गहराई में समा गई। अब वहां पर तेज धार से पानी का बहाव हो रहा है। बेमौसम नदी का जलस्तर इस कदर बढ़ते देख, तटीय क्षेत्र में बसने वाली आबादी में हड़कंप मच गया। निर्मलपुर, जैतहिया, गोड़ियन पुरवा, नगीना पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांवों के लोग भयभीत हैं।
निर्मल पुरवा के संतोष यादव, मनोज, कैलझश, मोती लाल आदि का कहना है कि नदी का पानी अभी तट से दूर है, लेकिन जिस तेजी से नदी का पानी बढ़ रहा है, उससे नदी में उफान आने की संभावना नजर आ रही है। सूत्रों की माने तो घाघरा बैराज से मंगलवार रात 30 हजार 40 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बैराज के अधिकारी इसे रूटीन के हिसाब से पानी छोड़ने की बात कह रहे हैं।