यह नंबर देशभर में एक ही होगा। खास बात तो यह है कि इन्हें यूनिक आईडी नंबर मिलने के बाद अब इनके लाइसेंस का आसानी से वेरीफिकेशन हो सकेगा। उधर, प्रशासन का शत-प्रतिशत लाइसेंस धारकों का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करने फीड कराने का दावा किया है।
दो साल पूर्व सभी शस्त्र लाइसेंसों को कंप्यूटराइज्ड करने का शासन स्तर पर गजट हुआ था। जिसके चलते सभी शस्त्र लाइसेंसों का डाटा कंप्यूटराइज्ड करने के आदेश हुए थे। इसके जरिए यह भी कहा गया था कि सभी लाइसेंसों का डाटा कंप्यूटराइज्ड करने के साथ ही उनका यूनिक आईडी नंबर अलॉट किया जाएगा।
यह नंबर देश भर में एक ही होगा। इससे फायदा यह होगा कि लाइसेंस धारक का किसी भी राज्य व जिले में शस्त्रों की आसानी से जांच हो जाएगी। शासन के आदेश पर सीतापुर जनपद में भी सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों का डेटा कंप्यूटराइज्ड कराने की कवायद चली।
अभियान चलाकर प्रत्येक शस्त्र लाइसेंस का डेटा पहले कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है। संपूर्ण विवरण कंप्यूटराइज्ड होने के बाद अब शस्त्र लाइसेंस धारकों को यूनिक आईडी नंबर भी इश्यू करने की तैयारी चल रही है।