सकरन। ब्लॉक के मनरेगा मजदूरों, मैटेरियल सप्लायरों व प्रधानों के लिए होली का त्योहार बेरंग रहेगा। इनके बकायों का भुगतान नहीं हो सका है। होली से पहले भुगतान की सबको उम्मीद थी लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
ब्लॉक में 85 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मद से कराए गए विकास कार्यों का भुगतान तीन महीने से अटका है। सभी ग्राम पंचायतों का 12 दिसंबर से 2 करोड़ 44 लाख 96 हजार रुपये मनरेगा मद में बकाया है। भुगतान न होने के कारण मजदूरों के साथ प्रधान व ग्राम पंचायतों को मैटेरियल सप्लाई करने वाली फर्मों के प्रोप्राइटर काफी परेशान हैं। ग्राम पंचायत उमरा खुर्द की महिला ग्राम प्रधान ज्ञानवती भार्गव ने बताया कि होली से पहले भुगतान होने की उम्मीद थी। मगर भुगतान नहीं हो सका, इस वजह से मजदूरों को त्योहार मनाने में परेशानी होगी।
मंजलिस गांव के प्रधान छोटेलाल ने बताया कि हर वर्ष त्योहार से पूर्व भुगतान हो जाता था। इस वजह से मजदूर आसानी से अपना पर्व मना लेते थे। इस वर्ष भुगतान न होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। एक अन्य ग्राम पंचायत नकेला के प्रधान जलीस अहमद ने बताया कि होली के साथ साथ रमजान का पर्व चल रहा है।
बकाया भुगतान न होने के कारण मजदूर साल भर का त्योहार नहीं मना पा रहे हैं। एपीओ विकास श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा के बकाया भुगतान के लिए डिमांड भेजी गई थी। होली के पहले भुगतान होने की उम्मीद थी, मगर विभाग से भुगतान नहीं भेजा गया।