सीतापुर। सरयू नदी में उफान से करीब 300 बीघा खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। पानी लगातार फसलों को जद में ले रहा है। करीब 25 गांवों के आसपास बाढ़ का पानी भरने लगा है। रामपुर मथुरा इलाके में बाबाकुटी व प्यारेपुरवा बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इस गांव के रास्ते पर पानी भरने लगा है। गृहस्थी का सामान समेटकर लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे हैं। वहीं, तीनों बैराजों से बृहस्पतिवार को 3.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। अंगरौरा के पास लगे मीटर गेज पर बृहस्पतिवार को सरयू का जलस्तर 118.20 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार की तुलना में 10 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी महज 80 सेंटीमीटर नीचे है। पानी ने अब खेतों और आबादी का रुख कर लिया है। नदी के आसपास के खेतों में पानी भर रहा है।
अंगरौरा, अखरी, सोतीपुरवा, परमगोंडा, कनरखी, बक्शीपुरवा, बचऊपुरवा, फतेपुरवा सहित 25 गांवों के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। अंगरौरा निवासी पुजारी, मुन्नू, बृजलाल, रघुनाथ ने बताया कि लोग घबराए हुए हैं। अपने परिवार तथा पशुओं की सुरक्षा को लेकर सभी चिंतित हैं। बाबाकुटी गांव के हालात काफी खराब हैं। यह गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है।
राकेश, शिवमंगल व गुड्डू ने बताया कि रास्तों पर बाढ़ का पानी नजर आने लगा है। प्यारेपुरवा को भी बाढ़ का पानी घेरने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो किसी भी समय पानी गांवों के भीतर पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को अपने घर छोड़कर तटबंध पर शरण लेनी पड़ेगी।
उधर, बाढ़ के पानी से लगभग 180 बीघा फसलें प्रभावित हो गई हैं। पानी लगातार खेतों में फैल रहा है। रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू का पानी तटवर्ती खेतों में तेजी से भर रहा है। करीब 125 बीघा फसलें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। म्योडीछोलहा, दुर्गापुरवा, घूसेपुरवा, रतनगंज, श्रीरामपुरवा, गार्गीपुरवा, दर्जिनरेती, मरेली आदि तटवर्ती गांवों के आसपास पानी पहुंचने लगा है। महमूदाबाद एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी, तहसीलदार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार दौरा कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ राहत व बचाव कार्यों की ली जानकारी
लहरपुर। संभावित बाढ़ को लेकर एसडीएम धामिनी एम दास की अध्यक्षता में तहसील सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें एसडीएम ने सभी विभागों से बाढ़ से बचाव व राहत कार्यों की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने व प्रभावित क्षेत्रों में शिविर आयोजित करने व पशुपालन विभाग को पशुओं का टीकाकरण, आपूर्ति विभाग को राशन की वैकल्पिक व्यवस्था, विद्युत विभाग को विद्युत व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने तथा सिंचाई विभाग को सतत निगरानी रखने व अन्य विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। तहसीलदार मनीष त्रिपाठी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नौ बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, जहां लगातार राजस्वकर्मियों द्वारा नदियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
रामपुर मथुरा इलाके में आबादी तक पहुंचा उफनाई सरयू का पानी और जलमग्न हुए खेत। संवाद