पिसावां थानेदार ने अपहरण की तहरीर पर कार्रवाई करना तो दूर सच पर पर्दा ही डाल दिया
पिसावां (सीतापुर)। एक सप्ताह से लापता बच्चे का तालाब से शव बरामद होने के मामले में एसपी एलआर कुमार के हस्तक्षेप पर चौंकाने वाला सच सामने आया है। इस सच ने पिसावां थानेदार के झूठ को बेनकाब कर दिया। लापता बच्चे के अपहरण की संभावना जताते हुए 4 दिसंबर को उसकी मां ने तहरीर दी थी।
इस पर कार्रवाई करना तो दूर बच्चे का शव मिलने पर थानेदार ने आला अफसरों व मीडिया को झूठ बोलकर गुमराह कर दिया। एसपी को हकीकत पता चली तो सोमवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिवार के ही दो आरोपियों पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया गया है।
वहीं, पुलिसिया लापरवाही की जांच भी शुरू कर दी गई है। मालूम हो, कि क्षेत्र के खजुन्ना गांव में रहने वाले रमेश का बेटा सत्यवीर (5) 2 दिसंबर को रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। हर संभावित ठिकाने पर तलाश के बाद भी जब उसका कहीं पता नही चला तो 4 दिसंबर को उसकी मां बबली ने अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए पिसावां पुलिस को तहरीर दी।
पुलिस ने इस गंभीर मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसी बीच 9 दिसंबर की सुबह गांव के बाहर तालाब से सत्यवीर का शव बरामद हुआ। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने सच पर पर्दा डालते हुए घटना से अनभिज्ञता जताई और कहा यदि तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
जिला मुख्यालय पर नवागत एसपी एलआर कुमार से पत्रकार वार्ता के दौरान खबरनवीसों ने यह मामला उठाया। एसपी के निर्देश पर एएसपी उत्तरी सोमवार की सुबह 10 बजे मामले की जांच करने पिसावां थाने पहुंच गए। जांच में पाया गया कि 4 दिसंबर को मां बबली द्वारा दी गई तहरीर में अपने पति रमेश के चचेरे भाई महेन्द्र पाल और नंद किशोर पर अपहरण की शंका जताई गई थी।
थानेदार पिसावां के झूठ का पर्दाफाश होने पर एएसपी भी हक्के-बक्के रह गए। एसपी को सारी जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर नायब तहसीलदार महोली स्वेच्छा सिंह की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव निकाला गया। मौत का कारण पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
उधर, मृतक के पिता की तहरीर पर आरोपी महेन्द्र पाल व नंद किशोर के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार हैं। इस गंभीर मामले में पुलिसिया लापरवाही की जांच भी शुरू कर दी गई है।
तंबौर के बाद अब पिसावां पुलिस ने कराई महकमे की किरकिरी
फरियादी की तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ठंडे बस्ते में डाल देना सीतापुर पुलिस का शगल बन गया है। तंबौर के बाद अब पिसावां पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही सामने आई है। तंबौर पुलिस के छेड़छाड़ की शिकायत अनदेखी करने का नतीजा दिनदहाड़े युवती को जिंदा जलाए जाने के रूप में सामने आया था।
अब मासूम के लापता होने पर अपहरण की संभावना व्यक्त करते हुए उसकी मां की तहरीर पर कार्रवाई नहीं किए जाने का खामियाजा एक बच्चे को जान देकर भुगतना पड़ा है। हद तो यह कि शव बरामदगी पर भी पिसावां थानेदार सच पर पर्दा डालकर सीनियरों व मीडिया को गुमराह करने का भरसक प्रयास करते रहे।
आखिर उनका झूठ बेनकाब हो गया। मगर पिसावां थानेदार की इस कारगुजारी ने पूरे महकमे की फजीहत करा दी है।
लापता बच्चे का 9 दिसंबर को तालाब से शव मिला था। इस मामले में 4 दिसंबर को बच्चे की मां बबली द्वारा तहरीर पिसावां पुलिस को दी गई थी। उस पर कार्रवाई होने में कहां से लापरवाही हुई इसकी जांच कराई जा रही है। जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस मामले में दो आरोपियों पर बच्चे की हत्या कर साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कर लिया है। कब्र खोदकर शव निकालने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट आने पर स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी।
-महेन्द्र प्रताप सिंह, एएसपी उत्तरी