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गैस को तरसेंगे 20 हजार उपभोक्ता

Thu, 05 Nov 2015 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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तीन दिन बाद भी नहीं मिली गैस
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एक सप्ताह पहले उपभोक्ता पयोज सिंह ने सिलेंडर की बुकिंग कराई थी। बुकिंग के समय उन्हें उम्मीद थी कि नियमानुसार तीन दिन के अंदर गैस की होम डिलीवरी मिल जाएगी। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी गैस की होम डिलीवरी नहीं मिली है।

कैंसिल हो गई ऑनलाइन बुकिंग
उपभोक्ता सुशीला ने गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। दस दिन के इंतजार के बाद गैस नहीं मिली तो वह एजेंसी पहुंची, जहां कंप्यूटर में चेक करने के बाद उन्हें बताया गया कि उनकी बुकिंग कैंसिल कर दी गई है। जिस कारण उन्हें दोबारा बुकिंग करानी पड़ी।
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रुपये कट जाते पर नहीं हो पाती बुकिंग
ऑनलाइन गैस की बुकिंग कराने वाले उपभोक्ता आरपी श्रीवास्तव ने बताया यह व्यवस्था आरामदेय के साथ ही दुखदायी भी है। गैस बुकिंग के दौरान अधिकांश रुपये मोबाइल से कट जाते हैं, लेकिन बुकिंग नहीं हो पाती है। जिस कारण मैनुअल प्रक्रिया से बुक कराकर ही गोदाम से सिलेंडर लेना पड़ता है।


दीपावली नजदीक आते ही घरेलू गैस की मारामारी शुरू हो गई है। करीब 20 हजार उपभोक्ता गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन बुकिंग कराए हुए सात दिन से ज्यादा हो रहा है पर अब तक गैस नहीं मिल सकी है। एक-एक सिलेंडर के लिए उपभोक्ता परेशान हैं।
सबसे बड़ी मुसीबत ऑनलाइन बुकिंग की बनी हुई है। काफी मशक्कत के बाद भी ऑनलाइन बुकिंग न हो पाना, बुकिंग के हफ्तों बाद भी सिलेंडर का न मिलना और बुकिंग कराने के बाद कैंसिल होने की दिक्कतों से उपभोक्ता बेहाल हैं। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए ‘पहल’ योजना लागू की है। जिले में इस योजना की शत प्रतिशत सफलता का दावा प्रशासन व एलपीजी एसोसिएशन कर रहा है। इसके बाद भी आम उपभोक्ता गैस के लिए परेशान हैं। गैस सिलेंडर की उपलब्धता जहां व्यवसाइयों के लिए सरल है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं में आज भी सिलेंडर के लिए मारामारी है। शहर के अधिकतर प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता को गैस लेने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ता है।

वेंडरों के पास नहीं होता तौल कांटा
होम डिलीवरी के दौरान तौल कांटा रखने के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी एजेंसियां बेपरवाह हैं। जिसके कारण उपभोक्ताओं को घटतौली का सिलेंडर लेना पड़ रहा है। जिले का बांट-मांप विभाग भी इनकी जांच नहीं करता है, जिसके कारण एजेंसियां मनमानी कर रही हैं।
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वर्जन...
गैस एजेंसियों की मासिक बैठक होती है। इसमें उपभोक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा की जाती है। घरेलू गैस का व्यावसायिक प्रयोग चिंता का विषय है। समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर घरेलू गैस के व्यावसायिक प्रयोग की रोकथाम का प्रयास किया जाता है। दीपावली पर्व पर गैस की पर्याप्त उपलब्धता एजेंसियों के पास है।
-प्रदीप दुबे, एचपी गैस सीतापुर

जिले में गैस एजेसिंया - 33
उपभोक्ता -  3 लाख 45 हजार
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