रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में खतरे के निशान से 40 सेमी. ऊपर बह रही सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को 20 सेमी. घट गया। हालांकि इससे बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं में कमी नहीं आई। तेज बहाव से कई रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। रास्तों व घरों में कीचड़ के कारण आना-जाना दुश्वार हो गया है। फत्तेपुरवा में लगे मीटरगेज पर शुक्रवार काे नदी का जलस्तर 119.20 मीटर दर्ज किया गया।
सरयू नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर है। बाढ़ प्रभावित गांव अखरी,अंगरौरा, शंकरपुरवा, बाबाकुटी, फत्तेपुरवा, नया पुरवा, निरंजन पुरवा, प्यारे पुरवा, कोठार, बैजू पुरवा, बंगाली पुरवा, मिश्रण पुरवा, बक्सी पुरवा,सोती पुरवा, कनरखी,खुन्ना पुरवा समेत करीब तीन दर्जन गांव की लगभग 30 से 35 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सोतीपुरवा, बलेसरपुरवा,अर्जुन पुरवा, धांधी रेती, निरंजन पुरवा, बाबाकुटी ,शंकर पुरवा, प्यारे पुरवा तथा अंगरौरा गावों के संपर्क मार्ग टूट गए हैं।
नाव बनी सहारा, बमुश्किल जुटा रहे रोजमर्रा का सामान
बाढ़ पीड़ितों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें प्रशासन की नावें मिलीं तो ठीक वरना जान जोखिम में डालकर लोग पैदल ही आवागमन कर रहे हैं। अंगरौरा में मिश्री, राम हजारी, पुत्ती लाल, शिवराज, सोहन, मंगम, गोगे, नरेश, बिक्रम, पिंटू, सहजू, बुधानी, दुजयी रघुनाथ,रामहजरी पुत्तीलाल,मुन्नू संंग अन्य लोगों के घरों में अभी भी करीब दो फीट गहरा पानी भरा है। दर्जनों लोग तिरपाल के नीचे परिवार सहित तटबंध पर गुजर-बसर कर रहे हैं। हैंडपंप डूबने से पेयजल संकट भी है।
बाढ़ पीड़ितों का रख रहे ख्याल
बाढ़ क्षेत्र में लेखपालों और नावों की तैनाती पहले से ही कर दी गई थी। बाढ़ चौकी पर भी तहसील के कर्मचारी व अधिकारी तैनात हैं। जिनके घरों में जलभराव अधिक था उन्हें तटबंध पर रखा गया है। उन्हें लंच पैकेट, बिस्किट, तिरपाल व अन्य जरूरी सामानों का वितरण किया गया है।
- शिखा शुक्ला, उपजिलाधिकारी महमूदाबाद