जिले के करीब सवा दो लाख कार्डधारक राशन से वंचित हो सकते हैं। कारण, इनका ब्यौरा अभी तक ऑनलाइन फीड नहीं हो सका है। जबकि मार्च से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करना है।
जिले में राशन कार्ड फीडिंग की रफ्तार सुस्त रहने से इन्हें राशन मिलने में परेशानी हो सकती है। जिले में करीब 10,14,667 कार्ड धारक हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक मार्च से राशन दिया जाना है।
जिसको लेकर जिले में कार्डधारकों का ब्यौरा ऑनलाइन करने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो महज 7,91,000 कार्डों का ही डाटा ऑनलाइन फीड किया जा सका है। जबकि 2,23,667 कार्र्ड धारकों का डाटा फीड नहीं हो सका है।
कार्ड धारकों के साथ कोटेदार भी चिंता जता रहे हैं। कोटेदारों का कहना है कि जिनके पास कार्ड हैं, वे राशन लेने आएंगे। पर जब तक उनके कार्ड का डाटा फीड नहीं है, उन्हें राशन कैसे दिया जाएगा।
इसके अलावा डाटा फीड करने में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं हैं। कहीं मां का नाम तो कहीं पिता का नाम गलत भर दिया गया है। जाति व वर्ग गलत फीड होने से भी सही पहचान नहीं हो पा रही है।
ऐसे भी कार्ड धारक हैं जिनका नाम क्षेत्र से दूर दूसरी दुकान की लिस्ट में फीड कर दिया गया है। डाटा फीडिंग की लेटलतीफी व गड़बड़ियाें के चलते मार्च में करीब सवा दो लाख कार्ड धारक राशन पाने से वंचित रह सकते हैं।