रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बाढ़ व कटान में बेघर 193 परिवारों को प्रशासन की ओर से आवासीय पट्टे आवंटित किए गए। सभी परिवारों को 90 वर्ग मीटर के हिसाब से आवासीय पट्टे दिए गए हैं।
सरयू नदी में उफान आने पर बेकाबू लहरें हर साल तटीय क्षेत्र में तबाही मचाती हैं। कई परिवार बेघर हो जाते हैं तो तमाम लोगों के खेत सरयू में समा जाते हैं। महमूदाबाद तहसील प्रशासन के मुताबिक ग्राम पंचायत शुकुलपुरवा के मजरा कुन्नापुरवा, रामरूपपुरवा, सुंदरपुरवा, भूषणपुरवा समेत अन्य गांवों के कुल 193 परिवार बाढ़ व कटान में बेघर हुए थे।
ये सभी परिवार करीब पांच माह से सड़क के किनारे तिरपाल में अथवा अपनी रिश्तेदारी में शरण लेकर रह रहे थे। इनमें से अधिकांश परिवार तटबंध पर रहने को विवश थे। गर्मी का सीजन तो किसी तरह बीत गया पर अब सर्दी में कटान पीड़ितों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं।
तहसील प्रशासन ने कटान पीड़ितों की समस्याओं का संज्ञान लेकर आवासीय भूमि चिह्नित कर दी। तटबंध के बाहर कोठार तथा नयापुरवा के बीच कटान पीड़ितों के लिए आवासीय भूमि चिह्नित की गई है। 90 वर्ग मीटर प्रति परिवार के हिसाब से आवासीय पट्टा आवंटित किया है।
पट्टा मिलने से प्रभावित परिवारों में खुशी का माहौल है। कटान पीड़ितों का कहना है कि अब उन्हें स्थायी आवास मिलने की उम्मीद जगी है। महमूदाबाद तहसीलदार अनिल कुमार राम ने बताया कि 193 कटान पीड़ित परिवारों को जमीन आवंटित की गई है। इस दौरान नायब तहसीलदार राकेश पाल, राजस्व निरीक्षक बीरेंद्र सिंह, लेखपाल रवींद्र वर्मा, विमलेश शुक्ला, दानबहादुर, धर्मेन्द्र व प्रधान श्रीराम मौजूद रहे।