डीपीओ ने शासन के आदेश के विपरीत दिया था तीन सीडीपीओ को प्रभार
सीतापुर। जिले में रिक्त परियोजनाओं में सीडीपीओ की तैनाती में मनमानी की गई थी। शासन के फरमान के विरुद्ध रिक्त तीन परियोजनाओं में सीडीपीओ कार्य कर रहे हैं। इस खबर को 10 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस संबंध में सीडीओ ने डीपीओ से संबंधित शासनादेश के साथ पत्रावली तलब की है।
बाल विकास परियोजना दफ्तरों में रिक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) की तैनाती संबंधी शासन के स्पष्ट आदेश हैं। इसके अनुसार जिले में जिस परियोजना में सीडीपीओ की तैनाती नहीं होगी, वहां परियोजना में कार्यरत वरिष्ठ मुख्य सेविका को सीडीपीओ को प्रभार दिया जाएगा। जिससे विभागीय कार्योँ को सुचारु रूप से संचालन हो सके।
जिले में रिक्त तीन बाल विकास परियोजनाओं के सीडीपीओ के पद पर प्रभार देने के मामले में विभागीय आदेश को दरकिनार किया गया है। यहां अवैधानिक रूप से तैनात सीडीपीओ कार्य कर रहे हैं। गांजरी क्षेत्र की परियोजना सकरन के सीडीपीओ अनूप सिंह ब्लाक खैराबाद के रिक्त सीडीपीओ के पद का प्रभार देख रहे हैं।
दोनो परियोजनाओं की दूरी अधिक है। इसी प्रकार गोंदलामऊ परियोजना के सीडीपीओ रामानंद गुप्ता को बेहटा परियोजना का प्रभार दिया गया है। इन दोनों परियोजनाओं की दूरी भी अधिक है। सीडीपीओ रेउसा संजय द्विवेदी को रामपुर मथुरा परियोजना का चार्ज दिया गया है।
इस प्रकार रिक्त तीनों परियोजनाओं में दूसरी परियोजना के सीडीपीओ को चार्ज दिया गया है। अमर उजाला में इस संबंध में 10 फरवरी को एक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर सीडीओ संदीप कुमार ने डीपीओ राज कपूर को तैनाती संबंधी पत्रावली सहित तलब किया है। जिससे शासनादेश का पालन हुआ कि नहीं, इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सके।