वास्तविक शिक्षक गोरखपुर में, दो सीतापुर जिले में थे तैनात दोनों बर्खास्त
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में जालसाज शिक्षकों के कारनामे बहुत निराले है। एक ही प्रमाणपत्र पर तीन लोग अलग-अलग पते से शिक्षक की नौकरी कर रहे थे। एक शिक्षक तो प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक भी बन गया था। इसका खुलासा वास्तविक शिक्षक द्वारा एसटीएफ से शिकायत करने पर हुआ।
जिले में महमूदाबाद व रामपुर मथुरा विकासखंड में ये शिक्षक तैनात थे। इस पर बीएसए ने इन दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। संबंधित बीईओ को जालसाजी का केस दर्ज कराते हुए वेतन की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्राथमिक विद्यालय पलियाकलां महमूदाबाद में अभयलाल यादव के नाम से एक शिक्षक काम कर रहा था। वहीं इसी नाम से दूसरा शिक्षक रामपुर मथुरा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय गंगापुरवा में तैनात था। गोरखपुर जिले के विकासखंड बड़हलगंज प्राथमिक विद्यालय खोहिया पट्टी में तैनात शिक्षक अभयलाल यादव ने एसटीएफ से अपने दस्तावेजों पर दूसरे शिक्षकों के नौकरी करने की शिकायत की थी।
इस पर एसटीएफ ने जिला पहुंचकर पड़ताल की। बीएसए ने बीईओ की तीन सदस्सीय कमेटी बनाकर जांच कराई। इस टीम ने नियुक्ति के समय लगाए गए प्रमाण पत्रों की स्कूल जाकर जांच की। जिसमें इनके पतों में भिन्नता पाई गई। यह दोनों शिक्षक शिकायत होने के बाद फरार चल रहे हैं।
इन तीनों के दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि व अंक समान मिले। यह लोग पते बदलकर नौकरी कर रहे थे। इस पर बीएसए अजय कुमार ने दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बीईओ रामपुर मथुरा व महमूदाबाद को जालसाजी करने का केस दर्ज कराते हुए रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं।