डीपीओ ने लापरवाही पर 19 आंगनबाडी सुपरवाइजर का वेतन रोक दिया है। इन पर आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव समय पर न देने पर कार्रवाई की गई है। जिले में 467 आंगनबाडी केंद्र बनने हैं। इनका निर्माण मनरेगा से प्रस्तावित है।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर आठ लाख छह हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, इनमें पांच लाख रुपये मनरेगा की धनराशि है। इसे लेकर प्रत्येक परियोजना से प्रस्ताव मांगे गए थे लेकिन समय से प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराए गए।
मनरेगा में इन केंद्रों की आईडी जनरेट करने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन प्रस्ताव समय से न मिलने के कारण यह कार्य गति नहीं पकड़ रहा हैं। समीक्षा में सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए डीपीओ को लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस पर डीपीओ रंजना सिन्हा ने कार्रवाई करते हुए लापरवाह सुपरवाइजर के वेतन रोकने की कार्रवाई की है।
डीपीओ रंजना सिन्हा ने बताया कि आंगनबाडी केंद्र निर्माण के प्रस्ताव उपलब्ध कराने में सुपरवाइजर हीलाहवाली कर रही है, उनका वेतन वेतन रोकने की कार्रवाई की गई हैं।
इनके रोके गए वेतन
मिथिलेश, विभा, निर्मला, शिवप्यारी, हंसा, शाहिदा खातून, निर्मला, राजकुमारी, रेनू डे, नीलम, गीता सिंह, तारा, सुशीला, सुहेला अख्तर, अन्नपूर्णा, रामप्यारी,शिवकांती, सुदर्शनी, मीना।