मनरेगा से किया जाएगा कायाकल्प, लोगों को रोजगार भी मिलेगा
सीतापुर। अब गोमती नदी को नया जीवन मिलेगा। नदी के उद्गम से अंत तक मनरेगा योजना से कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए गोमती नदी का सीमांकन व रेखांकन भी किया जाएगा। मनरेगा योजना में गोमती नदी के सौंदर्यीकरण का कार्य अगले वित्तीय बरस में होगा। सभी कार्य संबंधित विभागों से समन्वय कर कराए जाएंगे। इससे बहुतायत संख्या में लोगों को रोजगार भी सुलभ होगा।
मालूम हो कि गोमती के पुनरुद्धार के लिए पीलीभीत द्वारा वर्तमान वित्तीय बरस में अपनी सीमांतर्गत 47 किमी. में कार्य कराने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में खीरी, सीतापुर और लखनऊ द्वारा कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मनरेगा योजना में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार श्रम-बजट (ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लान) में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाना है।
नदी के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाए जाने के लिए यह आवश्यक होगा कि गोमती का सीमांकन एवं रेखाकंन राजस्व व सिंचाई विभाग से समन्वय स्थापित कर किया जाएगा। एल सेक्शन अनिवार्य रूप से बनाया जाना है। गोमती नदी का विस्तार जिला पीलीभीत, खीरी, सुल्तानपुर, जौनपुर, सीतापुर, लखनऊ और शाहजहांपुर में है।
नदी के आसपास के तालाबों किया जाएगा विकसित
कार्य को नियोजित ढंग से करने के लिए गोमती के दोनों तटों के एक किमी. के दायरे में स्थित तालाबों को रिचार्ज पॉण्ड के रूप में विकसित किया जाएगा। नदियों को प्रवाह बढ़ाने के लिए किनारों पर स्थित तालाबों को पुनर्जीवित कर विकसित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
किनारों पर सघन पौधरोपण का कार्य भी कराया जाएगा। इससे नदी की बेसिन एवं तटों से मृदा अपरदन को रोकने के साथ ही नदी की स्थिति में सुधार होगा। नदी के आसपास निवास कर रहे ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी समिति
सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से करने एवं विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए एकीकृत कार्ययोजना बनाए जाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट रिवर रिजूवेशन कमेटी (डीआरआरसी) का गठन किया जाएगा।
इसमें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ, डीसी मनरेगा सदस्य सचिव एवं अन्य संबंधित विभाग जैसे लघु सिंचाई, सिंचाई, कृषि, उद्यान, भूमि विकास एवं जल संसाधन व वन विभाग के जनपद स्तरीय अफसर, सामुदायिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे।
सभी कार्य सुचारु रूप से करने के लिए आयुक्त ग्राम्य विकास ने मंडलायुक्त लखनऊ को अर्ध शासकीय पत्र भेजा है। जिसके तहत डीएम को निर्देशानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।