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नैमिष में उमड़ा आस्था का सैलाब

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नैमिषारण्य (सीतापुर)। धार्मिक व पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य में सोमवती अमावस्या पर आस्था का जन सैलाब उमड़ा। चक्रतीर्थ समेत गोमती नदी में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
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इसके बाद मां ललिता देवी समेत मठ व मंदिरों में जाकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि के लिए मन्नतें भी मांगीं। मान्यता के अनुरूप महिलाओं ने पीपल के पेड़ का पूजन किया।

पहली बार नैमिषारण्य में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां की सड़कों पर चारों तरफ श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे। अनुमान के मुताबिक सोमवार को नैमिषारण्य में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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वैसे तो हर अमावस्या पर नैमिषारण्य में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी थी। भाद्रपद के प्रत्येक रविवार के दिन 84 कोस परिक्रमा मार्ग में हरदोई जनपद में स्थित प्रसिद्ध हत्याहरण तीर्थ में स्नान का विशेष महत्व है।

इसलिए भी सोमवती अमावस्या के दिन खासी भीड़ रही। वहीं, बार-बार बिजली जाने से लोग परेशान रहे। पावर कॉर्पोरेशन के एक कर्मचारी ने बताया कि संविदा लाइनमैन बाहर से आने वाले दुकानदारों से सुविधा शुल्क लेकर कटिया लगाकर बिजली उपलब्ध कराते हैं।

इस कारण लोड बढ़ जाने ने हर बार चतुर्दशी की रात में आपूर्ति बाधित होती है। इससे लोगों को कठिनाई का सामना पड़ता है। ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी पं. जगदंबा प्रसाद ने बताया कि भाद्रपद माह की अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या कहते हैं।

इस दिन जो लोग कुश का संग्रह करते हैं वह कुश पूरे वर्ष पूजन कार्य के योग्य रहते हैं। लोगों ने कुश का धार्मिक मान्यता अनुसार संग्रह किया।

सारे दिन जाम में जूझे लोग
नैमिषारण्य में उमड़ी भीड़ से सुबह 10 बजे से ही हरदोई-सीतापुर मार्ग पर जाम लग गया। यह जाम दोपहर दो बजे तक गोमती पुल से लेकर लकडियामऊ तक पहुंच गया।

वाहनों के बेतरतीब फंसे होने से तीर्थ यात्रियों के साथ ही दैनिक यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे तक जाम का यही हाल रहा। प्रशासन की ओर से किए गए रूट डायवर्जन व बैरीकेडिंग के इंतजाम धरे रह गए।
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