शासन ने अफसरों को रोजाना सुबह दस से 12 बजे अपने कार्यालयों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों में आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। सोमवार को सीडीओ के विकास भवन के मुआयने में इसकी पोल खुल गई।
जांच में 17 जिला स्तरीय अफसर गैरहाजिर मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी अनुपस्थित अफसरों से जवाब तलब किया है। चेतावनी दी कि अगर दोबारा ऐसी पुनरावृत्ति मिली तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने जनता की समस्याओं को सुनने के लिए सभी जिला स्तरीय अफसरों को रोजाना सुबह दस से 12 बजे तक कार्यालयों में बैठकर उनकी समस्याएं सुनने के निर्देश दे रखे हैं। बावजूद इसके यह आदेश जिले में लागू होता नहीं दिख रहा है।
आदेश को ताख पर रखकर अफसरों का देर से कार्यालय पहुंचना और जल्द घरों को लौटना शगल बन गया है। यही वजह है कि जनता समस्याओं को निस्तारित कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं।
सोमवार को सीडीओ रविंद्र कुमार ने सुबह करीब दस बजे विकास भवन के सभी 25 कार्यालयों में अफसरों की उपस्थित जांचीं। मुआयने में 17 अफसर कार्यालयों से नदारद मिले। इस पर उन्होंने सभी अनुपस्थित अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है।