सीतापुर। लोकसभा चुनाव की मतगणना में दूसरी विधानसभा क्षेत्रों के लोग गणना एजेंट नहीं बन सकेंगे। इस बार वही एजेंट बनेंगे, जो जिस विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले होंगे। यह व्यवस्था मतगणना में पारदर्शिता बरतने के लिए की गई है।
मतगणना में बाहरी विधानसभा क्षेत्रों के लोग प्रत्याशियों के एजेंट बना दिए जाते हैं। जिस कारण वहां पर एजेंटों में आपसी नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने मतगणना में प्रत्याशियों के गणना एजेंट बनाने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने तय किया है कि लोकसभा चुनाव की मतगणना में केवल वहीं एजेंट बनेंगे, जो जिस विधानसभा क्षेत्र के होंगे।
दूसरी विधानसभा क्षेत्रों के लोग एजेंट नहीं बन पाएंगे। अपर जिलाधिकारी विनय पाठक ने बताया कि मतगणना के नए निर्देशों से प्रत्याशियों को अवगत करा दिया गया है।
इससे प्रत्याशियों द्वारा गणना एजेंट बनाने में आयोग के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके।
एजेंटों का पुलिस वेरीफिकेशन भी जरूरी
मतगणना में प्रत्याशियों द्वारा दी गई गणना एजेंटों की फेहरिश्त का पुलिस वेरीफिकेशन होगा। जांच में अगर कोई भी एजेंट संदिग्ध मिला, तो वह एजेंट नहीं बन सकेगा।
इसके लिए आयोग ने सभी रिटर्निंग अफसरों को पत्र जारी कर दिया है। बगैर वेरीफिकेशन के किसी को भी एजेंट नहीं बनाया जाएगा।