सीतापुर। अब चालू बजट साल अलविदा कहने को है। मार्च को समाप्त होने में महज पांच दिन ही बचे हैं, मगर सीतापुर में सरकारी महकमे विकास की सौ फीसदी रकम खपा नहीं पाए हैं। हालांकि इस बजट को खर्च करने में देरी के लिए जिम्मेदार पार्लियामेंट चुनाव को मुख्य वजह मानते हैं। चुनाव कराने के साथ ही जिम्मेदारों को सरकारी खजाने में डंप करीब डेढ़ अरब रुपये भी खपाने होंगे। इससे समूचे जिले में विकास कार्य कराए जाएंगे।
मौजूदा साल चुनावी बरस था। इस लिहाज से योगी सरकार ने सूबे में विकास की खूब योजनाएं बनाईं और इन्हें मंजूरी देकर बजट भी रिलीज किया। चालू बजट साल में योगी सरकार ने सीतापुर जिले को विभिन्न योजनाओं में 21 अरब 86 करोड़ 87 लाख 29 हजार 719 रुपये बजट दिया। सभी विभागों को यह बजट 31 मार्च 2019 तक खर्च करना है।
बजट आवंटन के बाद जिले में न सिर्फ सरकारी मशीनरी हरकत में आई, बल्कि वह आवंटित बजट को खपाने में जुटी। पर निर्वाचन आयोग ने सत्रहवीं लोकसभा के गठन के लिए चुनावी अधिसूचना लागू कर दी। अधिसूचना लगते ही सरकारी मशीनरी विभागों के सारे कामकाज को बीच में ही छोड़कर चुनावी तैयारियों में जुट गई।
शायद यही वजह है कि सरकारी विभाग आवंटित रकम में से महज 20 अरब 45 करोड़ 40 लाख 10 हजार 905 रुपये ही खपा सके। इन्हें एक अरब 41 करोड़ 47 लाख 18 हजार 814 रुपये का बजट खर्च करना बाकी है। खास बात तो यह है कि अधिसूचना लगने के बाद अब अफसर चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में मार्च क्लोजिंग की रफ्तार सुस्त पड़ गई हैं, हालांकि सरकारी विभागों को अभियान चलाकर मार्च क्लोजिंग निपटाने के निर्देश दिए हैं।
ये है मार्च क्लोजिंग
सरकारी दफ्तरों में एक अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष माना जाता है। इसी के आधार पर शासन में सरकारी योजनाएं बनती हैं और उन योजनाओं में बजट का प्राविधान किया होता है। वित्तीय बजट साल में ही योजनाओं में बजट भी रिलीज होता है। शासन से आवंटित रकम को वित्तीय बरस में ही संबंधित विभागों को विकास पर खर्च करना होता है। समयावधि में बजट न व्यय होने पर योजनाओं की रकम शासन को वापस हो जाती है।
वर्जन
चालू बजट साल में आवंटित धनराशि 31 मार्च तक खर्च करनी है। संबंधित विभागों को अवमुक्त बजट को विकास कार्यों पर व्यय करने के आदेश दिए जा चुके हैं। सभी को अभियान चलाकर 25 मार्च तक कार्य पूरा कराने को कहा गया है। मुकर्रर समय तक जिन विभागों के अफसर बजट का उपभोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप कुमार, सीडीओ